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जानें ग्रह अशुभ से होने वाली परेशानियां, रोग-दोष और उनका निवारण

Thu, 26 Mar 2020 08:29 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह कमजोर हों अथवा किसी शत्रु ग्रह की दृष्टि या युति से पीड़ित हों तो उस व्यक्ति को उन ग्रहों से संबंधित रोग एवं परेशानियों का सामना करना पड़ता है और ये परेशानियां उस व्यक्ति को तब तक झेलनी पड़ती हैं, जब तक की उनका ठोस उपाय न किया जाए। इस खबर के माध्यम से हम जानेंगे विभिन्न ग्रहों से संबंधित रोग एवं दोष तथा उनके निवारण के लिए ज्योतिषीय उपाय।
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
सूर्य
सूर्य ग्रह सभी ग्रहों का राजा होता है। यह आत्मा, पिता, राजा, उच्च अधिकारी आदि का कारक है। लेकिन यदि कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर हो तो व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की परेशानियों और शारीरिक रोग-दोष का सामना करना पड़ता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से ह्रदय रोग, नेत्र रोग, धन की हानि और झूठे आरोप लगते है व मान-सम्मान में कमी आती है। 
उपाय- रविवार को सूर्योदय के समय जल चढ़ाएं और गरीब व्यक्ति को दान करने से सूर्य का अशुभ प्रभाव कम होता है।
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चंद्रमा - फोटो : Pixabay
चंद्र
चंद्र ग्रह शीतलता और सौंदर्यता का प्रतीक है। यह द्रव्य पदार्थ, शीतलता, माता एवं मन का कारक होता है। जहां चंद्रमा कुंडली में प्रबल होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत और दृढ़-निश्चयी वाला होता है। वहीं इसके कमजोर होने पर व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिन्ता, फेफड़े संबंधी रोग और धन की कमी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उपाय- चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए चांद को दूध, दही, चावल, सफेद फूल, सफेद चंदन और कपूर का दान करें।

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मंगल देव - फोटो : अमर उजाला
मंगल
मंगल ग्रह क्रोध और ऊर्जा को दर्शाता है। यह जमीन, सेना, पुलिस, खेलकूद, रक्त, लाल रंग आदि का कारक होता है। मंगल के कारण ही कुंडली में मांगलिक दोष या मंगल दोष का निर्माण होता है। मंगल के अशुभ होने पर ह्रदय रोग, कर्ज से परेशान और जमीन जायदाद संबंधी विवाद पैदा होने लगते हैं।
उपाय- मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए लाल कपड़े का दान करें।
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बुध ग्रह - फोटो : social media
बुध
बुध ग्रहों में युवराज का दर्जा रखता है। हालांकि बुध ग्रह की प्रकृति तटस्थ है। यह न तो शुभ ग्रह और न ही अशुभ ग्रह। लेकिन शुभ ग्रहों के साथ यह शुभ फल और अशुभ ग्रहों के साथ अशुभ फल देता है। कुंडली में बुध की अशुभता के कारण त्वचा संबंधी विकार पैदा होने लगते है और घर परिवार में अनबन होने लगती है।
उपाय- बुध के प्रभाव को कम करने के लिए हरी चीजों को दान करें।
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बृहस्पति ग्रह - फोटो : Pixabay
गुरु
देवगुरु बृहस्पति शुभ ग्रह है। यह ज्ञान, गुरु, संतान, विवाह, धन आदि का कारक है। गुरु शुभ प्रभाव से व्यक्ति ज्ञानवान, बुद्धिजीवी होता है। जबकि इसके अशुभ होने पर अपने ही पुत्र से कष्ट मिलने लगते हैं। शरीर में मोटापा बढ़ जाता है। वहीं शिक्षा में परेशानियां आने लगती है। विवाह में बाधा उत्पन्न होती है।
उपाय- पीला वस्त्र और पुस्तक आदि का दान गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए करना चाहिए।
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शुक्र ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
शुक्र 
शुक्र ग्रह को सौन्दर्य और सम्पन्नता का प्रतीक माना गया है। यह कला, कामुकता, भौतिक सुख, धन, संपत्ति आदि का कारक होता है। शुक्र के शुभ प्रभाव व्यक्ति आकर्षक होता है। वह भौतिक सुखों का भरपूर आनंद लेता है। लेकिन शुक्र के अशुभ होने पर वैवाहिक सुख में कमी होने लगती है।
उपाय- माता के मंदिर जाकर लाल चुनरी चढ़ाएं। 

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शनि ग्रह - फोटो : Pixabay
शनि
शनि एक पापी ग्रह है। शनि ग्रह न्याय के देवता है। इस ग्रह की चाल बेहद धीमी है। इसलिए ढाई साल में यह राशि परिवर्तन करता है। शनि अपनी साढ़ेसाती और ढैय्या को लेकर ज्यादा चर्चा में रहता है। शनि की अशुभता के चलते आगजनी, दुर्घटना, आंखों के रोग और पिता से मनमुटाव पैदा होने लगता है।
उपाय-  तेल, सरसों, काले तिल, काला वस्त्र, जूते आदि का दान करना शुभ रहेगा।
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राहु और केतु
राहु-केतु
राहु-केतु दोनों ही पापी ग्रह हैं। राहु-केतु के कारण ही कुंडली में कालसर्प दोष बनता है। जहां राहु अशुभ होने पर सिर पर चोट, मानसिक बीमारी आदि होती हैं। वहीं केतु की अशुभता के चलते किसी से विश्वासघात का शिकार होना पड़ता है।  
उपाय- राहु के प्रभाव को कम करने के लिए किसी जरूरतमंद को कपड़े का दान करना चाहिए और नारियल, उड़द दाल आदि का दान करने से केतु ग्रह की शांति होती है।
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