ज्योतिष शास्त्र में केतु को छाया ग्रह कहा जाता है। राहु जहां सिर है तो वहीं केतु केवल धड़ है। कुंडली में केतु मोक्षकारक ग्रह है। यह ग्रह मनुष्य जीवन में त्याग और वैराग का कारक है। केतु वृश्चिक और धनुराशि में उच्च का माना जाता है या इन राशियों में अतिविशिष्ट होकर फलदायी हो जाता है।
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इस साल केतु का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन, 3 राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां
- फोटो : अमर उजाला
केतु इस समय तुला राशि में गोचर कर रहे हैं और जल्द ही यह तुला राशि से निकलकर 30 अक्टूबर 2023 से कन्या राशि में गोचर करेगा। केतु का यह राशि परिवर्तन साल 2023 का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन होगा और इसके प्रभाव ना केवल जातकों के जीवन पर बल्कि देश और दुनिया पर भी पड़ेंगे। आइए जानते हैं केतु के राशि परिवर्तन से किन राशियों को लाभ होने जा रहा है...
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इस साल केतु का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन, 3 राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां
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वृष राशि
इस राशि के लग्न से देखें तो केतु पंचम भाव से गोचर करेंगे। कुंडली में पंचम भाव का अतिविशेष महत्व है। इस भाव से प्रेम, संतान, शिक्षा का विचार किया जाता है। इस भाव में केतु के आने से परिवर्तन साफ दिखाई देंगे। यहां से केतु देव नवम, एकादश और लग्न भाव दृष्टि डालेंगे।
केतु विच्छेद का कारक है लिहाजा पंचम भाव में आने से पढ़ाई में दिक्कतें होंगी। प्रेम संबंधों में चल रहे हैं तो आपको धोखा मिल सकता है। इस समय किसी भी तरह के प्रेम संबंधों में नहीं पड़ें तो आपको दुख कम पहुंचेगा। गोचर के प्रभाव से मित्रों से कष्ट हो सकता है। हालांकि केतु के गोचर से व्यापारी वर्ग को फायदा होगा। नया काम शुरू हो सकता है। नौकरी न बदलें तो बेहतर होगा।
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इस साल केतु का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन, 3 राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां
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सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए केतु दूसरे भाव से गोचर करेंगे। कुंडली का दूसरा भाव वाणी, संचित धन और परिवार का होता है। केतु के इस भाव में विराजमान होने से छठे, आठवें और दशम भाव पर केतु देव की दृष्टि होगी। दूसरे भाव पर केतु का प्रभाव होने से वाणी में कटुता आएगी। परिवार में कलह हो सकती है। किसी कोर्ट केस में हार मिल सकती है। वाहन सावधानी से चलाने की सलाह दी जाती है जबकि गुप्त शत्रु सामने आ सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस गोचर काल में कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना है।
इस साल केतु का सबसे बड़ा राशि परिवर्तन, 3 राशियों की बढ़ेंगी परेशानियां
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धनु राशि
धनु राशि में केतु का गोचर दशम भाव में होगा। कुंडली का दसवां भाव व्यक्ति के कार्यस्थल और एक तरह से पद व कर्म का होता है। इस भाव में केतु के आने से केतु देव की दृष्टि दूसरे,चौथे और छठे भाव पर होगी। हालांकि केतु के गोचर से राजनीति से जुड़े जातकों को बेहतर मौके मिलेंगे। जॉब करते हैं तो ऑफिस में सावधान रहें क्योंकि इस दौरान कोई बड़ी जिम्मेदारी आपको मिलेगी। बिना सोचे-समझे धन उधार नहीं दें। मां की सेहत को लेकर परेशानी बढ़ सकती है।