Pitra Dosh: शास्त्रों के अनुसार जब व्यक्ति इस संसार में जन्म लेता है, तो उसके भाग्य का निर्धारण पहले से ही हो जाता है। वहीं जन्म के बाद ज्योतिष विद्या के माध्यम से उस व्यक्ति की ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के अनुसार कुंडली बनाई जाती है। कुंडली में कई तरह के दोष पाए जाते हैं। कहा जाता है कि कुंडली में कुछ शुभ योग हों, तो मनुष्य को राज योग मिलता है। वहीं कुछ अशुभ योग मनुष्य से जिंदगी भर संघर्ष करवाते हैं और मेहनत के बावजूद भी सफलता हाथ नहीं लगती है। उन्हीं अशुभ योग या दोष में से एक दोष होता है पितृ दोष। ज्योतिष में पितृ दोष को अशुभ और दुर्भाग्य का कारक माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में पितृदोष बनता है उन्हें तमाम तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। पितृदोष होने पर व्यक्ति के जीवन में कई तरह के संघर्ष करने पड़ते हैं। आइए जानते हैं पितृ दोष के कारण...