इस साल ऐसा लग रहा था कि सर्दी आएगी ही नहीं लेकिन मौसम ने अचानक से करवट लिया और पूरा देश शीतलहर की चपेट में है। एक हफ्ते की सर्दी ने ही लोगों का जीना मुहाल कर रखा है और लोग सर्दी के जाने का इंतजार कर रहे हैं ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। इस विषय पर ज्योतिषशास्त्री सचिन मल्होत्रा क्या कह रहे हैं खुद देख लीजिए।
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अब और कब तक सताएगी सर्दी, देखिए क्या कहती है भविष्यवाणी
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ग्लोबल वार्मिंग और अलनीनो के प्रभाव के कारण ऋतुओं के चक्र में बड़े परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। वर्ष 2015 में भारत में मानसून देरी से आया और काफी कमजोर भी रहा। नवंबर के दूसरे पखवाड़े और दिसंबर के पहले सप्ताह में चेन्नई में हुई भारी बारिश से आई भयानक बाढ़ ने मौसम वैज्ञानिकों को हैरत में डाल दिया था।
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उत्तर भारत में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड ने तेजी से दस्तक दी थी किन्तु बाद में वह अचानक से गायब हो गयी। दिसंबर के आखिरी हफ्ते और जनवरी के पहले पखवाड़े में तापमान सामान्य से 6-7 डिग्री अधिक हो गया था। किन्तु फिर मकर संक्रांति के बाद सूर्य देव के राशि परिवर्तन के साथ ही ठंड ने उत्तर और मध्य भारत में एक बाद फिर से दस्तक दी।
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अभी पिछले कुछ दिनों में एक के बाद एक आए पश्चिमी विक्षोभों के चलते पहाड़ों पर हुई बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। आमतौर पर मकर संक्रांति के बाद शीत लहर कमजोर पड़ने लगती है लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग ही दिख रही है। ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखे तो शुक्र ग्रह ने 19 जनवरी को जब धनु राशि में प्रवेश किया था तब से तापमान में लगातार गिरावट महसूस की जा रही है। शुक्र धनु राशि में इस समय वक्री बुध से युति कर रहे है और उन पर एक अन्य शुभ ग्रह गुरु की दृष्टि पड़ रही है।
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मेदिनी ज्योतिष में गुरु, शुक्र और बुध को जलीय ग्रह माना जाता है जो की परस्पर युति या दृष्टि के कारण सर्दियों में बर्फ़बारी और शीत लहर को जन्म देते हैं। 24 जनवरी को पड़ने वाली पूर्णिमा की कुंडली भी ठण्ड के और बढ़ने तथा उत्तर भारत में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश पड़ने का संकेत दे रही है। वर्तमान में चल रही शीतलहर का प्रकोप 8 फरवरी को आने वाली अमावस्या तक रह सकता है।
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9 फरवरी को बुध मकर राशि में प्रवेश कर शुक्र का साथ छोड़ देंगे जिससे पहाड़ों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठण्ड से कुछ राहत मिलेगी। बाद में 12 फरवरी को शुक्र के मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तर भारत में हलकी बारिश से ठण्ड फिर से वापिस लौट सकती है। मंगल ग्रह के 20 फरवरी को वृश्चिक राशि में प्रवेश के कारण पहाड़ों पर बर्फ पड़ सकती है। बाद में 2 मार्च को बुध के कुंभ राशि में प्रवेश के साथ उत्तर भारत से सर्दी की विदाई होने का ज्योतिषीय पूर्वानुमान है।