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आईएस और अल बगदादी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी

Tue, 24 Nov 2015 04:03 PM IST
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषशास्त्री
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दुनिया भर में आंतक का दूसरा नाम बन चुका आईएस को लेकर बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है। क्या बगदादी की होगी मौत या विश्वयुद्ध की ओर दुनिया को ले जाएगा आइएस। कब खत्म खत्म होगा आईएस का आतंक। इन सभी प्रश्नों का उत्तर आपको यहां मिल रहा है।
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आईएसआईएस की स्थापना 9 अप्रैल 2013 को सीरिया के अलेप्पो शहर में हुई थी। ज्योत‌िषशास्‍त्री 'सच‌िन मल्होत्रा' बताते हैं क‌ि उस समय शनि और राहु की युति गोचर में तुला राशि में चल रही थी। राहु को ज्योतिषशास्‍त्र में युद्ध, विद्रोह और विदेशी आक्रान्ताओं का प्रतीक माना जाता है। जब राहु दुःख कारक ग्रह शनि के साथ आ मिलता है तब वह धार्मिक उन्माद और हिंसा से प्रेरित एक कुत्सित विचारधारा को जन्म देता है, जिसका प्रभाव विश्व में लम्बे समय तक बना रहता है।
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ह‌िरोशिमा-नागासाकी पर वर्ष 1945 में हुए परमाणु विस्फोट, 1956 के अरब- इजराइल युद्ध, 1990-91 के खाड़ी युद्ध, 2003 में अमेरिका का इराक पर हुए हमले के समय भी राहु और शनि की गोचर में युति चल रही थी। जिस प्रकार इन सब युद्धों के समय बनी राहु-शनि की युति ने लम्बे समय तक अंतर्राष्ट्रीय राजनीत‌ि को प्रभावित किया ठीक उसी तरह आईएसआईएस की स्थापना के समय बनी इन दो क्रूर ग्रहों की  युति भी एक दीर्घकालीन असर डालने की क्षमता रखती है।

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आईएसआईएस के सरगना अबु बकर अल-बगदादी ने 29 जून 2014 की शाम इराक के मौसूल शहर में खुद को खलीफा घोषित कर अपने संगठन का नाम 'इस्लामिक स्टेट' रखा। जिस समय इस आतंकी संगठन की ओर से यह घोषणा जारी की गयी तब स्थानीय समय अनुसार धनु लग्न उदय हो रहा था और चन्द्रमा कर्क राशि में था। संजोग से लग्न पर क्रूर ग्रहों शनि और मंगल दोनों की दृष्टि पद रही थी।
इस भयंकर योग ने इस संगठन को जल्द ही दुनिया का सबसे खूंखार और जालिम आतंकी गुट बना डाला।
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धनु लग्न की इस कुंडली में चुकी सूर्य और बुध का राजयोग सप्तम भाव में बन रहा था इस कारण से इस आतंकी संगठन ने अनेक स्रोतों से अकूत धन-दौलत इकठ्ठा कर ली। एक अनुमान के मुताबिक इस्लामिक स्टेट पेट्रोलियम की बिक्री, अपहरण और नशीले पदार्थो की तस्करी से सालाना 2 अरब डॉलर तक कमा लेता है। रुसी राष्ट्रपति पुतिन के अनुसार लगभग 40 देशों से इस आतंकी गुट को आर्थिक सहायता प्राप्त होती है।
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पुतिन ने अमेरिका पर इस आतंकी संगठन के जन्मदाता होने का भी आरोप मढ़ा है जो की अब भस्मासुर बन कर अपने ही पैदा करने वालों का विनाश करने को आतुर है। अभी हाल ही में 13/11 को हुए पेरिस के आतंकी हमले के बाद विश्व के सभी बड़े देशों ने इस आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खात्मे का बीड़ा उठाया है। लेक‌िन ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो आने वाले दिनों में पश्चिमी देशों की यह सैन्य कार्यवाही एक बड़े महायुद्ध का रूप ले सकती है।
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शनि-राहु की युति के साथ जन्म लेने वाला यह आतंकी संगठन वर्ष 2016 की पहली छमाही में एक बड़े युद्ध का कारण बन सकता है। इस्लामिक स्टेट की कुंडली में लग्नेश गुरु का अष्टम भाव में उच्च का होना इस संगठन का लम्बे समय तक बने रहने का योग है। पश्चिमी देशों को इस आतंकी गुट के पूर्ण सफाये में कम से कम 4-5 वर्ष लग सकते हैं।

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वर्ष 2020 में जब शनि की शुभ ग्रह गुरु से गोचर में युति होगी तभी इस आतंकी गुट का पूर्ण विनाश संभव हो सकेगा। इससे पहले आने वाले कुछ दिनों में इस संगठन का मुखिया अबु बकर-अल बगदादी मारा जा सकता है, लेक‌िन इस्लामिक स्टेट की कुंडली में नवमेश सूर्य और दशमेश बुध का राज योग है अतः यह संगठन अपने नए सरगना को जल्द ही चुन कर फिर से उठ खड़ा होगा।

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साल 2016 में राहु का सिंह राशि में गुरु से युत होना, मार्च के महीने में दो बड़े ग्रहण, शनि और मंगल की वृश्चिक राशि में लम्बे समय तक युति आदि ग्रह-योग एक बड़े युद्ध का ज्योतिषीय संकेत दे रहे हैं। इस युद्ध में कन्या राशि से प्रभावित इजराइल, सिंह राशि से प्रभावित अमेरिका के साथ-साथ रूस, फ्रांस, स्पेन, बेल्जियम, जॉर्डन, फिलिस्तीन, तुर्की, मिस्र आदि देशों को काफी जान-माल की क्षति होने की आशंका है।
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इसी वर्ष मार्च-अप्रैल में मंगल की दशा में चल रहा इजराइल आतंकी गुटों के निशाने पर होगा। पवित्र धार्मिक स्थल येरूसलम पर फिदायीन हमले के बाद इजराइल को भी इस आतंकी गुट के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ेगा जो की आगे चल कर जल्द ही एक बड़े अरब-इजराइल युद्ध का कारण बन सकता है।
ज्योत‌िषीः सच‌िन मल्होत्रा
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