Guru ka rashi parivartan 2023: वैदिक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति के राशि परिवर्तन का विशेष प्रभाव माना जाता है । जिन भावों पर गुरु की दृष्टि पड़ती है, उन भावों की उन्नति होती है। बृहस्पति ग्रह जो सभी देवताओं के गुरु के रूप में जाना जाता है और जिसकी दृष्टि वैदिक ज्योतिष में सबसे शुभ मानी जाती है। 22 अप्रैल 2023 को प्रातः 3:33 बजे अपनी ही राशि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। गुरु जब मेष राशि में गोचर करेंगे, उस समय गुरु अस्त अवस्था में होगा क्योंकि 28 मार्च से गुरु अस्त अवस्था में मीन राशि में प्रवेश करेंगे और फिर 27 अप्रैल को दोपहर 02:07 अस्त अवस्था से बाहर आ जाएंगे। जब गुरु का गोचर मेष राशि में होगा तब वहां राहु पहले से ही स्थित होंगे और राहु और गुरु की युति से गुरु चांडाल दोष के प्रभाव देखने को मिलेंगे। 4 सितंबर को शाम 04:58 बजे गुरु वक्री अवस्था में आ जाएंगे और साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर 2023 को प्रातः 07:08 बजे वक्री अवस्था से बाहर आएंगे। बृहस्पति ग्रह सफलता और समृद्धि का कारक और अग्रदूत है। इस हिसाब से गुरु के गोचर का सभी राशियों पर अलग-अलग तरह का प्रभाव पड़ेगा। तो, चलिए आइए जानते हैं कौन सी वो तीन राशियां हैं जिन पर गुरु गोचर की कृपा बरसेगी।