वृश्चिक राशि
वृश्चिकराशि के जातकों के बारहवें और सातवें भाव के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। और इस गोचर के दौरान वो आपके छठे भाव में गोचर करेंगे। छठा भाव शत्रु, स्वास्थ्य, प्रतियोगिता, मामा का भाव होता है। तो शुक्र का मेष राशि में गोचर वृश्चिक राशि के जातकों को मिश्रित परिणाम देगा। आपके सप्तमेश और लग्न के कारक होने के कारण शुक्र छठे भाव में गोचर कर रहा है जो दर्शाता है कि वृश्चिक राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन के लिए यह गोचर सकारात्मक नहीं हो सकता है, आपको अपने जीवन साथी के साथ संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। बारहवें भाव पर शुक्र की दृष्टि से आप काफी धन खर्च कर सकते हैं।