ईश्वर ने हर व्यक्ति के शरीर के प्रत्येक अंग, माथा, भौंह, ठोढ़ी, आंखों, हाथ, पैर आदि की बनावट अलग अलग प्रकार से की है जो प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे से भिन्न और विशेष बनाती है। सामुद्रिकशास्त्र में अंगों की बनावट और निशान आदि को को देखकर काफी हद तक व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में बताया जाता है। कहां जाता है कि व्यक्ति की हथेली और माथे पर उसका भाग्य लिखा होता है। ज्योतिष शास्त्र में माथे के आकार और माथे पर बनने वाले चिन्हों के बारे में बहुत कुछ बताया गया है। जिसके अनुसार कुछ लोगों को बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है ऐसे लोग अपने जीवन में खूब धन प्राप्त करते हैं।