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विजयादशमी 2019: जानिए रहस्यमयी रावण के 10 रहस्य

Tue, 08 Oct 2019 07:42 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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dussehra 2019 - फोटो : pti
लंकापति रावण एक महान योद्धा, प्रख्यात पंडित तो था ही, इसके साथ ही उसकी दुनिया भी  रहस्यमयी थी। रावण के जन्म से लेकर मृत्यु तक कई ऐसे रहस्य है,
जिन्हें जानकर आप दंग रह जाएंगे।
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ravan
रावण का पहल रहस्य यह है कि रावण के पिता एक ऋषि थे और माता एक राक्षसी थी। 
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ravan
जन्म के समय ही रावण इतना भयानक था कि पहली बार देखने पर इनके पिता भयभीत हो गए थे।

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रावण - फोटो : amar ujala
वाल्मीकि रामायण के अनुसार रावण के रथ में अश्व नहीं ब्लकि गधे जुते हुए रहते थे।
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ravan - फोटो : ravan
रावण ने देवलोक पर विजय प्राप्त करने के बाद यमलोक पर भी आक्रमण कर दिया था। ब्रह्मा जी के वरदान के कारण रावण ने यमराज को पराजित कर यमलोक पर अधिकार कर लिया और नर्क भोग रही आत्माओं को अपनी सेना में शामिल कर लिया।
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कुबेर
देवताओं के खजांची भगवान कुबेर रावण के सौतेले भाई थे। रावण ने कुबेर को भगाकर लंका पर अधिकार किया था और उनका पुष्पक विमान छीन लिया था।
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रावण्ा
रावण ज्योतिष का प्रकांड विद्वान था। अपने पुत्र को अजेय बनाने के लिए इन्होंने नवग्रहों को आदेश दिया था कि वह उनके पुत्र मेघनाद की कुंडली में सही तरह से बैठें। शनि महाराज ने बात नहीं मानी तो उन्हें बंदी बना लिया।

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रावण बना पात्र।
रावण के दरबार में सारे देवता और दिग्पाल हाथ जोड़कर खड़े रहते थे। हनुमान जी जब लंका पहुंचे तो इन्हें रावण के बंधन से मुक्त करवाया।

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नुमाइश पंडाल में रावण का पुतला तैयार करते कारीगर। - फोटो : ब्यूरो
रावण के अशोक वाटिका में एक लाख से अधिक अशोक के पेड़ के अलावा दिव्य पुष्प और फलों के वृक्ष थे। यहीं से हनुमान जी आम लेकर भारत आए थे।

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dussehra - फोटो : pti
रावण को रंभा नाम की अप्सरा से शाप मिला था कि वह किसी स्त्री से उसकी मर्जी के बिना संबंध नहीं बना सकता अगर ऐसा करेगा तो उसके सिर के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे और उसकी मृत्यु हो जाएगी। इसलिए रावण ने कभी सीता के साथ बल का प्रयोग नहीं किया।
 
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dussehra 2019 - फोटो : dussehra 2019
रावण की नाभि में अमृत था। इसी कारण से रावण का एक सिर कटने के बाद पुनः दूसरा सिर आ जाता था और वह जीवित हो जाता था।
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