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दोपहर के समय भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये काम, हो सकती है मान-सम्मान और धन-संपत्ति की हानि

Tue, 29 Dec 2020 04:16 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सनातन धर्म के शास्त्रों में दिनचर्या को लेकर कई नियम बताए गए हैं। जैसे हमें किस समय उठना चाहिए, किस समय पूजा-पाठ करनी चाहिए आदि। इसी तरह से कुछ ऐसे कार्य है, जिन्हें दोपहर के समय करने की मनाही है। यदि आप दोपहर में ये कार्य करते हैं तो आपको मान-प्रतिष्ठा और धन संबंधित परेशानियों के साथ रोगों का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए दोपहर के समय इन कार्यों को करने से बचना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि वे कौन से कार्य हैं जिन्हें दोपहर में करने से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
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सूर्य देव को दोपहर में जल अर्पित न करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शास्त्रों के अनुसार यदि आपको सूर्य देव की पूजा करनी है या अर्घ्य देना है तो प्रातः जल्दी उठकर यह कार्य कर लेना चाहिए। कुछ लोग अपना सारा कार्य करने के पश्चात स्नान करते ,हैं जिसके बाद वे सूर्य को अर्घ्य देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। दोपहर के समय भूलकर भी सूर्य को जल नहीं देना चाहिए। दोपहर यानि दूसरा प्रहर इस समय में सूर्य पूरे प्रभाव में होता है। इसलिए दोपहर में सूर्य को जल देने से आपको पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है साथ ही आपको धन, मान-सम्मान और पैतृक संपत्ति आदि के लाभ में कमी आ सकती है। ये आपको स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा नहीं रहता है।
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हनुमानजी
यदि कोई व्यक्ति दोपहर के समय हनुमानजी की पूजा करता है तो उसके ऊपर हनुमान जी की कृपा नहीं होती है। इसलिए दोपहर के समय हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए। इस संबंध में एक किवदंती है कि हनुमानजी ने विभीषण से कहा था कि वह दोपहर के समय वह लंका में रहेंगे। इसलिए माना जाता है कि दोपहर 12 बजे से लेकर 4 बजे तक हनुमानजी लंका में रहते हैं। इसलिए हनुमान जी की पूजा प्रातः या संध्या काल में करनी चाहिए। शास्त्रों में भी बताया गया है कि दोपहर के समय मंदिर के कपाट बंद रखने चाहिए।

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दोपहर में नहीं सोना चाहिए (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शास्त्रों में कि दिन के समय सोना वर्जित बताया गया है। ज्येष्ठ के दिनों और रोग की स्थिति में तो दिन के समय कुछ देर के लिए विश्राम किया जा सकता है, परंतु इसके अलावा दोपहर में कभी नहीं सोना चाहिए। कहा जाता है कि जो लोग दोपहर में सोते हैं उनके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती है साथ ही इससे आपकी आयु में कमी आती है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
दोपहर के समय सूर्य अपने पूरे प्रभाव में रहते हैं। भगवान सूर्य नारायण को मान-प्रतिष्ठा, पिता एवं पराक्रम का कारक माना गया है। इसलिए दोपहर के समय में प्रणय संबंधों की मनाही है। कभी भी दोपहर के समय प्रणय संबंध नहीं बनाने चाहिए। इससे सूर्यनारायण नाराज होते हैं। 
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