फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shani Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती से हैं परेशान, तो अवश्य कर लें यह एक छोटा सा काम

Tue, 23 Dec 2025 06:26 PM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Shani Sade Sati: धार्मिक ग्रंथों की मानें, तो शनिदेव के आशीर्वाद से जातकों को तरक्की, धन लाभ और मान-सम्मान व प्रयासों का मनचाहा फल मिलता है। लेकिन जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उन्हें अक्सर समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। 
विज्ञापन
1 of 4
Shani Sade Sati Upay In Hindi - फोटो : अमर उजाला
Shani Sade Sati Upay In Hindi: ज्योतिष में शनि को न्याय के देवता कहा जाता है और वह जातकों को कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। मान्यता है कि, जिन भी लोगों पर शनि महाराज की कृपा होती हैं, उनके अटके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। यही नहीं जीवन में स्थिरता व सफलता के योग भी बनते हैं। धार्मिक ग्रंथों की मानें, तो शनिदेव के आशीर्वाद से जातकों को तरक्की, धन लाभ और मान-सम्मान व प्रयासों का मनचाहा फल मिलता है। लेकिन जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उन्हें अक्सर समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में नियमित रूप से शनिदेव की उपासना और दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे साढ़ेसाती, ढैय्या सहित अन्य दोषों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। ऐसे में आइए इस शक्तिशाली पाठ के बारे में जानते हैं।

Mulank 9: टाइम पास वाले रिश्ते नहीं निभाते मूलांक 9 के लोग, समर्पण और भावनाओं से भरा होता है इनका प्रेम जीवन
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
Shani Sade Sati Upay In Hindi - फोटो : adobe stock
शनि दशरथ कृत पाठ लाभ
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, रोजाना शनि दशरथकृत पाठ करने से व्यक्ति को धन लाभ मिलता है। साथ ही लंबे समय से अटके हुए कार्य गति पकड़ने लगते हैं और करियर में सफलता मिलने के संकेत प्राप्त होते हैं। इसके अलावा यह पाठ शनि से जुड़ी बाधाओं को शांत करता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी, आर्थिक स्थिति में सुधार, करियर में सही दिशा और जीवन में स्थिरता आने लगती हैं। 

Pradosh Vrat 2026: 1 जनवरी पर प्रदोष व्रत का संयोग, इन सरल उपायों से करें शिव शंकर को प्रसन्न
विज्ञापन

3 of 4
Shani Sade Sati Upay In Hindi - फोटो : adobe
दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:।।

नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।।

नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्र नमोऽस्तु ते।।

नमस्ते कोटराक्षाय दुर्नरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।।

नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोऽस्तु ते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करेऽभयदाय च।।

अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु ते।
नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तुते।।

तपसा दग्ध-देहाय नित्यं योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:।।

ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज-सूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।।

देवासुरमनुष्याश्च सिद्ध-विद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति समूलत:।।

प्रसाद कुरु मे सौरे वारदो भव भास्करे।
एवं स्तुतस्तदा सौरिर्ग्रहराजो महाबल:।।
विज्ञापन

4 of 4
Shani Sade Sati Upay In Hindi - फोटो : अमर उजाला
शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।

शनि का पौराणिक मंत्र
ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।




Putrada Ekadashi 2025: साल की आखिरी एकादशी पर विष्णु जी को कैसे करें प्रसन्न ? जानें 5 सरल उपाय
Paush Purnima 2026: साल 2026 में कब मनाई जाएगी पौष पूर्णिमा ? जानें तारीख और पूजा विधि
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें