ऐसा होता है उपच्छाया चंद्र ग्रहण
उपच्छाया चंद्र ग्रहण पूर्ण और आंशिक चंद्र ग्रहण से पूरी तरह भिन्न होता है। इसमें पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर न पड़कर उसकी उपच्छाया पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा पर एक धुंधली सी परत नजर आती है, जिसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा के आकार पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसी कारण यह इतना प्रभावकारी भी नहीं होता है। हालांकि राशियों पर इसका प्रभाव जरूर देखने को मिलता है।
राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
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राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
उपच्छाया चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा। हालांकि इस ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर भी पड़ेगा। राशियों पर ग्रहण का प्रभाव-
मेष- खर्चे बढ़ेंगे। मन में तनाव की स्थिति रहेगी।
वृष- यात्रा के दौरान बेहद सावधानी बरतनी होगी।
मिथुन- ग्रहण का प्रभाव आपकी आमदनी पर होगा।
कर्क- धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में रुचि लेंगे।
सिंह- विवाद होने की संभावना है, सावधान रहें।
कन्या- धन-संपत्ति में वृद्धि संभव है।
तुला- एक से अधिक स्रोतों से आय आएगी।
वृश्चिक- किसी तरह के झमेले में पड़ सकते हैं।
धनु- रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।
मकर- जमीन जायदाद से जुड़े कार्य होंगे।
कुंभ- सेहत में सुधार होने संभावना है।
मीन- परिवार में भाईचारा एवं प्रेम बढ़ेगा।
ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय
चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए आपको चंद्र ग्रह के बीज मंत्र ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का 108 बार जाप करना चाहिए। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के पश्चात चावल और सफेद तिल का दान करें और अपने से बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें। चूंकि यह उपच्छाया ग्रहण मंगल की राशि वृश्चिक और बुध ग्रह के नक्षत्र ज्येष्ठा में घटित हो रहा है तो ऐसी स्थिति में बुध से प्रभावित लोगों जैसे जो लोग कला, व्यापार, बैंकिंग, मीडिया और गायन के क्षेत्र में हैं ऐसे लोगों को भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए और ग्रहण उपरांत अन्न दान जरूर करें।