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Budh Mahadasha: 17 साल तक रहती है बुध की महादशा, इन राशियों का चमकता है भाग्य

Fri, 26 Dec 2025 03:09 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Budh Mahadasha Effect: बुध ग्रह की महादशा कुल 17 वर्षों तक चलती है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध ग्रह शुभ स्थिति में हों, तो उसे जीवन में कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं, विशेष रूप से व्यापार और करियर के क्षेत्र में लाभ के योग बनते हैं।
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बुध की महादशा के प्रभाव - फोटो : Amar Ujala
Budh Mahadasha Effects In Hindi: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, विवेक, तर्कशक्ति, संवाद क्षमता, चतुराई, व्यापार, आर्थिक सोच और मित्रता का प्रतीक माना गया है। बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशि के स्वामी होते हैं। ज्योतिष के अनुसार, बुध कन्या राशि में उच्च और मीन राशि में नीच माने जाते हैं। बुध ग्रह की महादशा कुल 17 वर्षों तक चलती है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध ग्रह शुभ स्थिति में हों, तो उसे जीवन में कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं, विशेष रूप से व्यापार और करियर के क्षेत्र में लाभ के योग बनते हैं।

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बुध की महादशा के प्रभाव - फोटो : adobe
वहीं यदि कुंडली में बुध ग्रह अशुभ या कमजोर अवस्था में हों, तो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक स्तर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को बोलने में कठिनाई, हकलाहट या अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा गणित, तर्क और वाद-विवाद जैसे विषयों में भी कमजोरी देखी जाती है। आइए जानते हैं कि बुध की महादशा जीवन को किस तरह प्रभावित करती है।

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कुंडली में बुध ग्रह अशुभ होने पर - फोटो : अमर उजाला
कुंडली में बुध ग्रह अशुभ होने पर
यदि बुध ग्रह जन्म कुंडली में नकारात्मक प्रभाव में हों, तो बुध की दशा के दौरान व्यक्ति को नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। व्यापार में बार-बार नुकसान होने की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से नाक, कान और त्वचा से जुड़ी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। साथ ही मौसी और बुआ जैसे रिश्तेदारों के साथ संबंधों में तनाव बना रह सकता है। शेयर बाजार, सट्टा या लॉटरी जैसे जोखिम भरे निवेश में हानि के योग रहते हैं। इसके अलावा कम्यूनिकेशन स्किल कमजोर होने के कारण प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में दिक्कत आ सकती हैं।

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जन्म कुंडली में बुध ग्रह शुभ होने पर - फोटो : अमर उजाला
जन्म कुंडली में बुध ग्रह शुभ होने पर
यदि बुध ग्रह कुंडली में शुभ और मजबूत स्थिति में हों, तो व्यक्ति की वाणी प्रभावशाली और आकर्षक होती है। ऐसे लोग गणित और विश्लेषण से जुड़े विषयों में तेज होते हैं और उनकी गणना क्षमता भी मजबूत होती है। 
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कुंडली में बुध ग्रह अशुभ होने पर - फोटो : adobe stock
करियर के लिहाज से ऐसे जातक एमबीए, गणित शिक्षक, अर्थशास्त्री, बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में अच्छा नाम कमा सकते हैं। वाद-विवाद और बातचीत में वे निपुण होते हैं, जिससे वे एक कुशल व्यापारी भी बनते हैं। स्वभाव से ऐसे लोग हंसमुख, मिलनसार और मजाकिया होते हैं, जिस कारण वे अपने सामाजिक दायरे में लोकप्रिय रहते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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