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ग्रहों की बुरी दशा से जीवन में आती हैं एक के बाद एक मुश्किलें, जानें ग्रहों को अनुकूल बनाने के उपाय

Wed, 30 Dec 2020 02:41 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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planet
ज्योतिष के अनुसार नौ ग्रह बताए गए हैं। इन ग्रहों की स्थिति, एवं हमारे जीवन में घटने वाली अच्छी और बुरी घटनाओं का गहरा संबंध होता है। ग्रहों की शुभ स्थिति और शुभ योग जहां आपके जीवन में खुशियां भर सकते हैं, तो वहीं ग्रहों की बुरी दशा के कारण इंसान मुसिबत में पड़ सकता है। इसलिए ग्रहों की स्थिति को अनुकूल बहुत आवश्यक होता है। ज्योतिष में ग्रहों को अनुकूल बनाने और बुरी दशा के प्रभावों से राहत पाने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। तो चलिए जानते हैं ग्रहों को अनुकूल बनाने के उपाय...
 
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सूर्य - फोटो : social media
सूर्य की बुरी दशा को अनुकूल बनाने का उपाय
सूर्य को मान-सम्मान यश-कीर्ति का कारक माना गया है। सूर्य की दशा खराब होने पर जातक को  ह्रदय रोग, नेत्र रोग तथा अपयश का सामना करना पड़ सकता है। सूर्य को अनुकूल करने के लिए प्रतिदिन सुबह जल्दी उठें और स्नानादि करने के पश्चात तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें रोली और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसके अलावा सूर्य मंत्र का जाप करें।
 
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moon - फोटो : pixabay
चंद्र की बुरी दशा का उपाय
चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। चंद्रमा की खराब स्थिति के कारण व्यक्ति को चिंता, तनाव जैसी मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चंद्रमा को अनुकूल बनाने के लिए प्रतिदिन या कम से कम हर सोमवार को भगवान शिव की आराधना करें। प्रत्येक पूर्णिमा के व्रत और चंद्र पूजा करें। 

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मंगल ग्रह - फोटो : Pixabay
मंगल की बुरी दशा का उपाय 
मंगल पराक्रम और साहस का कारक हैं। मंगल की बुरी दशा से जातक कई बड़ी समस्याओं से घिर सकता है। मंगल की बुरी दशा के कारण व्यक्ति के रक्त अल्पता, रक्त चाप, दुर्घटना, जैसी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा व्यक्ति के साहस और पराक्रम का भी नाश हो जाता है, मंगल की बद स्थिति में व्यक्ति को गलत कार्य करने की आदत लग जाती है जिसके कारण व्यक्ति को जेल तक का सामना करना पड़ सकता है। मंगल की स्थिति को सही करने के लिए निर्धनों को भोजन करवाना चाहिए और नियमित रूप से शिव जी के पुत्र कुमार कार्तिकेय भगवान की पूजा करनी चाहिए।
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बुध ग्रह
बुध की बुरी दशा का उपाय
बुध ग्रह को बुद्धि और वाकपटुता का कारक माना गया है। बुध के खराब दशा में होने से जातक को मानसिक परेशानी, वाणी दोष, शिक्षा संबंधित समस्याएं और आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है। इसके बुरे प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए बुधवार के दिन हरी चीजों का प्रयोग और दान करना चाहिए।
 
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गुरु ग्रह
बृहस्पति को अनुकूल करने का उपाय
बृहस्पति (गुरू) को समृद्धि का कारक माना गया है। यदि किसी जातक का बृहस्पति खराब दशा में हो तो असाध्य रोग होने की आशंका रहती है। बृहस्पति को अनुकूल बनाने के लिए धर्मस्थान में दान करना चाहिए। इसके अलावा भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
 
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शुक्र ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
शुक्र को अनुकूल करने का उपाय
शुक्र को भौतिक सुख सुविधाओं, सौंदर्य और प्रेम संबंधों का कारक माना जाता है। शुक्र की बुरी दशा के कारण व्यक्ति को अपमान, अपयश तथा नेत्र विकार और आर्थिक कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। शुक्र को अनुकूल करने के लिए भगवान शिव और माता गौरी की एक साथ पूजा करनी चाहिए, और नियमित रूप से शिवलिंग का पूजन भी करना चाहिए।
 

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Saturn
शनि को अनुकूल बनाने का उपाय
शनि को न्याय का कारक माना जाता है। शनि की बुरी दशा के कारण व्यक्ति को मृत्यु तुल्य कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। इस दशा में दुर्घटना और लम्बी बीमारी और नौकरी, व्यापार में अड़चन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके निवारण के लिए प्रत्येक शनिवार को संध्या समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीप जलाना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
 
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राहु और केतु
राहु केतु की बुरी दशा का उपाय
ज्योतिष में राहु केतु को पापक ग्रह माना गया है। इन दोनों ग्रहों की बुरी दशा व्यक्ति को बड़ी मुसिबतों में डाल सकती है। इनकी बुुरी दशा में आकस्मिक घटनाएं और अचानक कोई बड़ा रोग हो सकता है। व्यक्ति में षडयंत्र, झूठ और कपट जैसे अवगुण आ जाते हैं, जिसकी वजह से कोर्ट कचहरी के चक्कर तक काटने पड़ते हैं। राहु केतु के बुरे प्रभावों से बचने के लिए चांदी की सर्प आकृति बनवाकर शिव मंदिर में दान करें। राहु के बुरे प्रभावों से बचने के लिए भगवान भैरव की पूजा करें। केतु की बुरी दशा को निवारण के लिए भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए।
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