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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर अगर दिख जाए ये चीजें तो समझिए बदलने वाली है किस्मत

Thu, 12 Feb 2026 01:39 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Mahashivratri 2026: मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर यदि कुछ विशेष प्रतीक या दृश्य दिखाई दें, तो उन्हें आने वाले समय के लिए शुभ संकेत माना जाता है। कुछ लोग इन्हें संयोग समझते हैं, तो कुछ इसे भोलेनाथ की कृपा का संकेत मानते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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महाशिवरात्रि के शुभ संकेत - फोटो : Amar Ujala
Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा और साधना की विशेष रात है जब भक्त पूरी आस्था के साथ भगवान शिव का स्मरण करते हैं। कोई व्रत रखता है, कोई रात्रि भर मंत्र-जप करता है, तो कोई शिव मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतार में खड़ा रहता है। मान्यता है कि इस दिन यदि कुछ विशेष प्रतीक या दृश्य दिखाई दें, तो उन्हें आने वाले समय के लिए शुभ संकेत माना जाता है। कुछ लोग इन्हें संयोग समझते हैं, तो कुछ इसे भोलेनाथ की कृपा का संकेत मानते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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बेलपत्र (इच्छा पूर्ति का प्रतीक) - फोटो : adobe stock
बेलपत्र (इच्छा पूर्ति का प्रतीक)
बेलपत्र को भगवान शिव का अत्यंत प्रिय माना गया है। यदि महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र आसानी से मिल जाए या बेल का वृक्ष दिख जाए, तो इसे शुभ संकेत समझा जाता है। धार्मिक ग्रंथों में बेलपत्र को त्रिदेव का प्रतीक बताया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से अर्पित किया गया बेलपत्र जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है और मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
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रुद्राक्ष (शांति और सकारात्मक ऊर्जा) - फोटो : freepik.com
रुद्राक्ष (शांति और सकारात्मक ऊर्जा)
रुद्राक्ष को शिव के करुणा-आंसुओं से उत्पन्न माना जाता है। यदि इस पावन दिन किसी को रुद्राक्ष प्राप्त हो जाए या मंदिर में रुद्राक्ष की माला सहज रूप से मिल जाए, तो इसे विशेष आशीर्वाद माना जाता है। आस्था के साथ धारण किया गया रुद्राक्ष मानसिक स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, ऐसा विश्वास है। शिवरात्रि पर रुद्राक्ष घर लाना शुभ और मंगलकारी माना जाता है।

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नंदी और नीलकंठ (समृद्धि के संकेत) - फोटो : Adobe Stock
नंदी और नीलकंठ (समृद्धि के संकेत)
भगवान शिव के वाहन नंदी के दर्शन को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यदि शिवरात्रि के दिन नंदी के समक्ष दीप प्रज्वलित करते समय मन में शांति अनुभव हो, तो इसे प्रार्थना स्वीकार होने का संकेत समझा जाता है। वहीं, नीलकंठ पक्षी का दर्शन भी शुभ फलदायक माना जाता है। लोकविश्वास है कि इसका दिखना सम्मान और आर्थिक उन्नति का सूचक हो सकता है।

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विशेष पूजन परंपराएं - फोटो : adobe stock
विशेष पूजन परंपराएं
महाशिवरात्रि पर तांबे के कलश से जलाभिषेक करना कल्याणकारी माना गया है। तांबा शुद्धता और ऊर्जा का प्रतीक है। शिवपुराण में दूध, घी मिश्रित जल या चंदन युक्त बेलपत्र अर्पित करने का उल्लेख मिलता है, जिसे समृद्धि से जोड़ा जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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