कामनवेल्थ से पहले इटली का दौरा मेरे लिए अहम होगा। यह कहना है ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त का। वह चंडीगढ़ स्थित कपिश्वर अखाड़े में एक कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ओलंपिक के बाद इंजरी की वजह से कोई बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया।
ऐसी स्थिति में जुलाई में होने वाले कामनवेल्थ गेम से पहले इटली में होने वाली कुश्ती चैंपियनशिप महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इंजरी के बाद यह उनकी पहली प्रतियोगिता होगी। उन्होंने कहा कि मैं तैयारी कर रहा हूं और रोजाना 5 से 6 घंटे तक अखाड़े पर ही अभ्यास करने में लगा हूं।
उन्होंने कहा कि इंजरी के बाद वापसी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक्सरसाइज के माध्यम से आत्मविश्वास वापस लाने की प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीवी प्रोग्राम से दूर हैं।
रियो ओलंपिक पर केंद्रित
योगेश्वर दत्त ने कहा कि मैं टीवी प्रोग्रामों से दूर हूं और सिर्फ अपने खेल पर ही ध्यान दे रहा हूं। मैं टी.वी. प्रोग्रामों में भाग लेना शुरू कर दूंगा तो अभ्यास करने का समय ही नहीं मिलेगा और इसका असर सीधा मेरे खेल पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब मेरा ध्यान रियो ओलंपिक पर है। जहां मैं पदक जीत सकूं और देश की झोली में डाल सकूं।
ग्रास रूट पर कुश्ती पर जोर
ओलंपियन विजेता योगेश्वर दत्त ने कहा कि हमें कुश्ती में और अधिक पदक जीतना है तो ग्रास रूट पर खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करवानी होंगी। उन्होंने कहा कि ग्रास रूट पर खिलाड़ियों को न बेहतरीन कोच मिलते हैं और न बेहतरीन टेक्निकल अफसर और न बेहतरीन मैट प्रदान होता है।
उन्होंने कहा कि गांवों में पहलवान मिट्टी के अखाड़े पर लड़ते हैं और जब वह अखाड़े से उठकर मैट वाले अखाड़े पर जाता है तो उसके प्रदर्शन पर असर पड़ता है और वह वहां पर बेहतरीन नहीं कर पाता।
योगेश्वर दत्त ने वेट कैटागरी बढ़ाने पर कहा कि मैं पहले 60 किलो भार वर्ग में लड़ रहा था, वहीं अब मुझे 65 किलो भार वर्ग में लड़ना पड़ेगा, सुशील कुमार को भी 74 किलो भार वर्ग में लड़ना पड़ेगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं वेट तो बढ़ा रहा हूं।