20वीं सीनियर वुमेन नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में बुधवार को उत्तराखंड के नाम प्रतियोगिता के अब तक सबसे ज्यादा गोल खाने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया।
पहले ही मैच में पांडिचेरी ने उत्तराखंड को 28-0 से धो दिया। इस मैच ने स्टेट फुटबॉल फेडरेशन की तैयारी की भी पोल खोल दी।
उत्तराखंड कभी फुटबॉल का गढ़ माना जाता था। यहां से कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक राज्य और देश का नाम रोशन किया है।
उत्तराखंड की टीम का शर्मनाक प्रदर्शन
अब फुटबॉल को राज्य खेल का दर्जा जरूर मिला है, लेकिन प्रदेश में इस खेल के प्रति जिम्मेदारी किस तरह निभाई जा रही है।
यह बुधवार को असोम में वुमेन नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में उत्तराखंड की टीम के शर्मनाक प्रदर्शन से साफ हो गया।
27 अप्रैल को टूर्नामेंट शुरू हुआ, लेकिन स्टेट फुटबॉल फेडरेशन को जैसे इसकी कोई चिंता ही नहीं थी। अमर उजाला ने खबर छापी तो 25 अप्रैल को आनन-फानन में टीम तैयार कर ली गई।
अभ्यास का मौका तक खिलाड़ियों को नहीं मिला। यही वजह रही कि प्रदेश की टीम पूरे मैच में तालमेल के अभाव से जूझती रही।
बड़े भैया भी कम नहीं
पांडिचेरी के खिलाड़ी एक के बाद एक गोल दागते रहे, जबकि उत्तराखंड के खिलाड़ी गोल तो दूर अपने पोस्ट की रक्षा तक नहीं कर सके।
उत्तराखंड के अगले मैच असोम, झारखंड, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश से होने हैं। लेकिन, पहले ही मैच में उखड़ी टीम अब खोया आत्मविश्वास पा सकेगी, इसमें संदेह है।
प्रतियोगिता में उत्तराखंड ने तो 0-28 से शिकस्त पाई ही, बड़े भैया यानी उत्तर प्रदेश भी कम नहीं रहा।
यूपी की टीम ने अपना मैच रेलवे की टीम के हाथों 25-0 से गवांया। सबसे ज्यादा गोल खाने के मामले में तीसरे नंबर पर मणिपुर की टीम रही। छत्तीसगढ़ को मणिपुर ने 22-0 से मात दी।