आठ टीमें, 22 खिलाड़ी, तीन महीने तक फुटबाल मैदान में दनादन गोल का रोमांच... जिसमें 10 विदेशी, 8 देसी और चार स्थानीय खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम को आईएसएल (इंडियन सुपर लीग) की ट्रॉफी दिलाने की कोशिश करेंगे।
विदेशी खिलाड़ियों के बीच देसी खिलाड़ियों की चमक भी दिखेगी, जिसमें उत्तराखंडी मूल के खिलाड़ियों पर प्रदेश के लोगों की विशेष निगाहें रहेंगी।
सूत्रों की मानें तो देश के अलग-अलग क्लबों से उत्तराखंड के दर्जन भर खिलाड़ी खेल रहे हैं, जो आईएसएल में दिखेंगे।
इंडियन सुपर लीग में दिखेगा दम
मनीष मैठाणी, जतिन बिष्ट, भुवन जोशी उत्तराखंड के फुटबाल खिलाड़ी हैं, जिन्होंने प्रोफेशनल फुटबाल क्लबों के लिए खेलते हुए राज्य का मान बढ़ाया है।
अब फुटबाल में क्रांति लाने के उद्देश्य से शुरू हो रही इंडियन सुपर लीग में इन खिलाड़ियों का दम दिखेगा।
कोलकाता में खेल रहे मनीष मैठाणी, दिल्ली में जतिन बिष्ट, विवेक खेड़ा का अभी तक खेल शानदार रहा है। जिस कारण देसी खिलाड़ियों की सूची में इनका नाम आने की उम्मीद है।
वहीं, स्थानीय खिलाड़ियों में दिल्ली में प्रोफेशनल लीग खेल रहे शशांक ममगाई और भुवन जोशी को दिल्ली लीग में शानदार प्रदर्शन के आधार पर जगह मिल सकती है।
उत्तराखंड में रहकर जलवा दिखा रहे उत्तराखंड पुलिस के सौरभ रावत और अमित बिष्ट को भी लीग में किसी टीम से मौका मिल सकता है। अंडर-19 इंडिया कैंप में शामिल राजा रावत भी लीग में टीमों की पसंद बन सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो मनीष मैठाणी का लीग में खेलना लगभग तय है। इसके लिए वे मुंबई में लगे कैंप में भी प्रतिभाग कर चुके हैं।