खेल नीति के लागू होने के बाद खेल विभाग ने अलग-अलग नीतियों पर अमल शुरू कर दिया है। अब खेल विशेष में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (एनआईएस) से प्रशिक्षण के लिए खेल विभाग उत्तराखंड मूल के खिलाड़ी को खर्च देगा।
विभाग की मानें तो एनआईएस के लिए क्वालीफाई करने के बाद खिलाड़ी मदद के लिए आवेदन कर सकेगा। खेलों में प्रशिक्षक का रोल अहम होने के बावजूद राज्य के खिलाड़ी कोच बनने से बचते रहे हैं, जिसका प्रमुख कारण कोर्स के दौरान आने वाला खर्च है। अब एनआईएस कोचिंग के खर्च का भुगतान खेल विभाग करेगा।
उपनिदेशक खेल अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह योजना महिला व पुरुष दोनों खिलाड़ियों के लिए है। इसके लिए अभ्यर्थी को एनआईएस के लिए क्वालीफाई करना आवश्यक है। राज्य की टीम से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया होना चाहिए। क्वालीफाई करने के बाद अभ्यर्थी को योजना का लाभ लेने के लिए विभाग में आवेदन करना होगा।
ये खिलाड़ी कर सकते हैं एनआईएस
-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम ग्रेजुएशन डिग्री धारक हो।
-खेल विशेष में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में प्रतिभाग किया हो।
-खेल विशेष में कम से कम दो सीनियर राष्ट्रीय टूर्नामेंट या ऑल इंडिया टूर्नामेंट खेले हों।
-दो बार ऑल इंडिया विश्वविद्यालय या जूनियर और यूथ राष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया हो।
-तीन बार इंटर सर्विसेज मीट, ऑल इंडिया पुलिस गेम्स और इंटर रेलवे चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया हो।
-एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, सीनियर एशियन चैंपियनशिप, ओलंपिक गेम्स, सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेला हो, ऐसे खिलाड़ियों को 12वीं पास होना जरूरी है।
-आयु सीमा- 20 से 35 वर्ष है।
ये हैं एनआईएस सेंटर
पटियाला, कोलकाता, बंगलुरु, तिरुअनंतपुरम(त्रिवेंद्रम)
आवेदन पत्र पहुंचने की अंतिम तिथि--15 मई 2015
यह है खर्च-वार्षिक
अकादमिक खर्च-22 से 25 हजार रुपए
हॉस्टल शुल्क-61050 रुपए