उत्तराखंड गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट में इस बार विदेशी खिलाड़ियों का जलवा नहीं दिखाई देगा।
नेपाल पर अभी स्थिति साफ नहीं
23 मई से शुरू हो रहे टूर्नामेंट में बजट और समय की कमी के कारण बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका और नेपाल की टीमों को प्रवेश नहीं दिया जा सका है। हालांकि नेपाल पर अभी स्थिति साफ नहीं है।
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2004 में रेंजर्स ग्राउंड में जलवा दिखाकर टीम इंडिया का हिस्सा बने। तब से गोल्ड कप क्रिकेट टूर्नामेंट लकी माना जाने लगा है।
टूर्नामेंट के शानदार आयोजन ने विदेशी क्रिकेट क्लबों को भी अपनी ओर खींचा है। छह वर्षों में तीन विदेशी टीमें गोल्ड कप में खेल चुकी हैं। इस साल भी तीन टीमें खेलने के लिए आयोजकों से संपर्क कर रहीं थी।
आम चुनाव के कारण एसोसिएशन कागजी कार्रवाई नहीं कर सकी और विदेशी टीमों की अरेंजमेंट में बजट की कमी भी आड़े आ रही है। ऐसे में इस बार गोल्ड कप में भारतीय क्रिकेट क्लब ही खेलते दिखाई देंगे।
रणजी खेल रहे खिलाड़ी भी शामिल होंगे
हालांकि टूर्नामेंट में आईपीएल और अंडर-19 विश्वकप खेल चुके कुछ खिलाड़ी जलवा दिखा सकते हैं। कई टीमों में रणजी खेल रहे खिलाड़ी भी शामिल होंगे।
एकमात्र नेपाल की टीम को अंतिम वक्त में एंट्री मिलने की संभावना है, जिस पर अंतिम फैसला एसोसिएशन की अगली बैठक में होगा।
एसोसिएशन टूर्नामेंट अपने जुटाए बजट से करता है। टीमों के रहने-खाने, आने-जाने का इंतजाम भी एसोसिएशन ही करता है। विदेशी टीमों को इस बार लेना चाहते थे, लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण कागजी कार्रवाई नहीं हो सकी। नेपाल की टीम आने को लगातार बोल रही है। इस पर जल्द फैसला होगा।
- पीसी वर्मा, सेक्रेटरी, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
ये टीमें खेली हैं यहां
- क्वेटा क्लब, पाकिस्तान (2008 और 2012), बांग्लादेश और नेपाल (2013)