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बढ़ाया मान तो 672 खिलाड़ियों को मिला सम्मान

Sun, 22 Feb 2015 01:03 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश को पदक दिलाकर उत्तराखंड का मान बढ़ाने वाले भूतपूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों को शनिवार को सम्मानित किया गया।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने हाथों से एक-एक करके खिलाड़ियों को नवाजा। कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में शनिवार को प्रदेश के खिलाड़ियों का पहली बार सम्मान समारोह आयोजित हुआ।

सबसे पहले ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हरदयाल सिंह को सम्मानित किया गया। बुजुर्ग होने के कारण मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद हरदयाल सिंह को लेने उनके स्थान पर गए और फिर मंच पर लाकर सम्मानित किया।
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इसके बाद राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पदम बहादुर मल्ल, रीना कौशल धर्मशक्तू, लवराज धर्मशक्तू, हंसा मनराल शर्मा, सुरेंद्र सिंह वल्दिया, सुरेंद्र सिंह कनवासी, चंद्रप्रभा एतवाल, रेनू कोहली, जयदेव सिंह बिष्ट, जसपाल राणा, डॉ. हर्षवंती बिष्ट और पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, नारायण सिंह राणा, अशोक कुमार, डीके सेन, मयंक मारवाह, दर्शन सिंह, डीसी भट्ट, सुरेश चंद्र पांडे, डॉ. डीसी भट्ट सहित करीब 405 पूर्व व वर्तमान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

इसके बाद 2014 में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक दिलाने वाले करीब 268 खिलाड़ियों और कोचों को ईनामी राशि के ड्राफ्ट वितरित किए गए।

सम्मान समारोह में खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल, भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता, वालीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अवधेश चौधरी, सांसद महेंद्र सिंह माहरा, विधायक चंदन राम दास, पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर दि ग्रेट खली, खेल सचिव शैलेश बगोली, उप निदेशक अजय अग्रवाल, जिला खेल अधिकारी सतीश सार्की, स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज शर्मा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम समिति के सीओओ नीरज गुप्ता आदि मौजूद थे।

जिलेवार सम्मानित खिलाड़ी
देहरादून - 132
पिथौरागढ़ - 56
ऊधमसिंह नगर - 56
अल्मोड़ा - 33
नैनीताल - 28
हरिद्वार - 25
चमोली - 23
पौड़ी - 15
बागेश्वर - 14
टिहरी - 10
चंपावत - 10
उत्तरकाशी - 3

दिलराज कौर ने नहीं लिया पुरस्कार
खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में उस वक्त अजीब स्थिति बन गई जब निशानेबाज दिलराज कौर ने इनामी राशि का ड्राफ्ट लेने से मना कर दिया। उन्होंने रोते हुए कहा कि सिस्टम खराब है और मुझे दी जा रही इनाम राशि कम है।

इस पर हंगामा होने लगा तो मुख्यमंत्री ने भी नाराजगी जताई। इस मामले में खेल अधिकारियों का कहना है कि दिलराज कौर को खेल नीति के अनुरूप इनामी राशि दी जा रही थी।

शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सम्मान समारोह में निशानेबाज दिलराज कौर को पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के तौर पर सम्मानित किया गया। लेकिन ड्राफ्ट पर दस हजार रुपये लिखा देख उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया। दिलराज की मां ने भी खेल विभाग पर इनामी राशि के गलत निर्धारण का आरोप लगाया।

इस बीच दिलराज कौर रोने लगीं। उनका कहना था कि वर्ष 2009 से 2013 तक प्रदेश के किसी विकलांग खिलाड़ी को सम्मानित नहीं किया गया। एक जनवरी 2014 से 31 दिसंबर 2014 तक हुई नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था।

उनका दावा है कि खेल नीति के अनुसार इस पर 1.75 लाख रुपये इनाम मिलना चाहिए। दिलराज का कहना था कि अगले महीने पोलैंड में विश्व चैंपियनशिप है, लेकिन रकम कम होने के कारण वह वहां नहीं जा सकेंगी।

मामला बढ़ता देख निशानेबाजी प्रशिक्षक नारायण सिंह राणा और जसपाल राणा ने मामला शांत कराया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खेल अधिकारियों से इस बाबत पूछताछ की। कहा कि यह मामला पॉलिसी में लाया जाए।

खेल नीति में इस तरह दिया जाना है पुरस्कार
एकल स्पर्धा में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर एक लाख, रजत पर 75 हजार, कांस्य पदक पर 50 हजार रुपए पुरस्कार राशि तय है। टीम स्पर्धा में स्वर्ण में 25, रजत पदक पर 20 हजार और कांस्य पदक में 15 हजार रुपए दिए जाने हैं।

नेशनल पैरा ओलंपिक या स्पेशल ओलंपिक में एकल में स्वर्ण में बीस हजार, रजत में दस हजार और कांस्य में सात हजार रुपये पुरस्कार तय हैं। इसी तरह टीम स्पर्धा में क्रमश: दस, सात और पांच हजार रुपए पुरस्कार दिया जाना है।

उप निदेशक बोले, देखेंगे कागजात
मामले पर खेल उप निदेशक अजय अग्रवाल का कहना है कि पुरस्कार के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों से आवेदन मांगे गए थे। उनका दावा है कि दिलराज कौर को जो पुरस्कार राशि दी गई है, वह खेल नीति के हिसाब से है।

हालांकि, विवाद के सवाल पर उनका कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि दिलराज ने आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज लगाए थे। अग्रवाल का कहना है कि हर श्रेणी में पुरस्कार राशि अलग है, यह देखना पड़ेगा कि दिलराज के पदक नेशनल चैंपियनशिप के हैं या नेशनल पैरा ओलंपिक के। अग्रवाल ने कहा कि दस्तावेजों की दोबारा जांच की जाएगी।

मीडिया को दी नसीहत
दिलराज कौर के रोते ही इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मियों ने उन्हें घेर लिया। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। मंच पर माइक संभाल मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश और राज्य के दिग्गज खिलाड़ी बैठे हैं, उस समारोह में ऐसा बर्ताव सही नहीं है।
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कड़े शब्दों में कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में मीडिया को नहीं बुलाया जाएगा, सिर्फ प्रेस रिलीज जारी की जाएगी। मीडिया को समारोह की मर्यादा का ख्याल रख बाद में समारोह स्थल से बाहर बात करनी चाहिए थी।
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