अपने घर के मैदान में खेलना बहुत शानदार रहा। दर्शकों से इतना प्यार और सम्मान मिला जो कहीं और नहीं मिल सकता।
जब भी मौका मिला उत्तराखंड में खेलने जरूर आएंगे। गोल्ड कप पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान यह विचार उन्मुक्त चंद ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट के बारे में सुना था, लेकिन खेलकर बहुत अच्छा लगा। बोले, वह पहली बार देहरादून में खेलने आए हैं, लेकिन बीते छह-सात दिनों में एक बार भी नहीं लगा कि घर से बाहर खेल रहे हैं।
उत्तराखंड मेरा गृह प्रदेश है और यहां खेलने का अलग ही मजा है। खासकर दर्शकों का बहुत प्यार मिला। उन्होंने कहा कि अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी का मैदान विश्वस्तरीय है, जबकि रेंजर्स मैदान भी अच्छा है, लेकिन इसमें थोड़ा सुधार की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई की अगले साल यहां दोबारा खेलने आने पर उनको रेंजर्स मैदान बेहतर मिलेगा।
पवन के आउट होते ही लौटे दर्शक
गोल्ड कप के फाइनल मैच में उन्मुक्त चंद और पवन नेगी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। उन्मुक्त चंद से क्षेत्ररक्षण के दौरान बाउंड्री लाइन पर भी दर्शक ऑटोग्राफ लेते रहे और उनके साथ फोटो खिंचवाते दिखे। बार-बार दर्शकों के आने से पुलिस को बाउंड्री पर लगाना पड़ा।
वहीं पवन नेगी से भी ऑटोग्राफ लेने के लिए लोग जमे रहे। बल्लेबाजी करते जाते समय दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह भी बढ़ाया, लेकिन पवन के जल्द आउट होने के बाद दर्शक भी लौटने लगे।