साइना नेहवाल, पीवी संधू ... की तरह बैडमिंटन में जलवा बिखेरने की चाहत युवाओं में आजकल अधिक देखी जा रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण है परेड ग्राउंड स्थित बैडमिंटन हॉल।
जहां तीन कोर्ट पर हर साल सवा सौ से अधिक बच्चे अभ्यास करने पर मजबूर हैं। अब संख्या अधिक होने पर जिला खेल विभाग ने बैटरी टेस्ट लेने का फैसला किया है। इसके रिजल्ट के आधार पर नए और पुराने खिलाड़ियों को प्रवेश मिल सकेगा। जिला खेल कार्यालय के तहत खेल सत्र 2015-16 शुरू होने के साथ ही विभिन्न खेलों में प्रवेश के लिए खिलाड़ी आने लगे हैं।
मगर सबसे बुरा हाल बैडमिंटन में है। जहां पहले से ही करीब 100 खिलाड़ी हर रोज अभ्यास करने आते हैं और अब नए एडमिशन के लिए लोग पहुंचने लगे हैं। जिस कारण हॉल में अब अभ्यास कम और खिलाड़ियों का मेला जैसा अधिक दिखाई देता है।
खेल विभाग के बैडमिंटन प्रशिक्षक दीपक रावत ने बताया बैडमिंटन के प्रति लोगों में अधिक रुझान है। इस कारण 5-6 साल के बच्चों को भी लोग खेल सिखाने की बात कर रहे हैं। मगर अब संख्या अधिक है इसलिए 1 और 2 मई को खिलाड़ियों का बैटरी और खेल तकनीकी, स्किल का टेस्ट लिया जाएगा। 5 मई से प्रशिक्षण शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि बैटरी टेस्ट में करीब ढाई किमी दौड़, 100 मीटर दौड़ और 60 मीटर की स्प्रिंट रेस होगी। सीनियर खिलाड़ियों की खेल स्किल और तकनीकी का भी परीक्षण लिया जाएगा। इसके बाद सूची जारी की जाएगी। जिला खेल अधिकारी सतीश सार्की ने भी बैडमिंटन ट्रायल के आधार पर प्रवेश किए जाने की पुष्टि की है।