कमेंट्री से बेशुमार कमाई करने वाले सुनील गावस्कर को बीसीसीआई का अध्यक्ष बनने पर कितनी सैलरी मिलेगी यह कोर्ट तय करेगा।
आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को हटा दिया और उनकी जगह बोर्ड की कमान पूर्व क्रिकेटर और कमेंट्रेटर सुनील गावस्कर को सौंपने का आदेश दिया था।
कमेंट्रेटर से बोर्ड के अध्यक्ष बनने से इस महान क्रिकेटर को आर्थिक रूप से घाटा उठाना पड़ेगा, अब देश की शीर्ष अदालत ही कुछ फैसला ले सकता है।
गावस्कर की सैलरी सुप्रीम कोर्ट तय करेगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आईपीएल के आगामी सातवें संस्करण के दौरान बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बनाए गए पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर की सैलरी भी कोर्ट ही तय करेगा।
अब आईपीएल मैचों के लिए गावस्कर कमेंट्री नहीं कर सकेंगे लेकिन अपनी नई भूमिका के लिए उन्हें मुआवजा मिलेगा।
शुक्रवार को छह पेजों का एक आदेश जारी करते हुए दो जजों की पीठ ने कहा था, "16 अप्रैल 2014 को होने वाली सुनवाई के दौरान गावस्कर के लिए मुआवजा तय किया जाएगा।" हालांकि यह तय है कि जितना पैसा गावस्कर बीसीसीआई के साथ अनुबंध के जरिए कमेंटरी से कमाते हैं उसके मुकाबले यह मुआवजा कम होगा।
बीसीसीआई ने माना कोर्ट का आर्डर
बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर का पालन करते हुए इंडिया सिमेंट्स और बोर्ड में मौजूद इसकी सहायक कंपनियों के अधिकारियों को हटाने का आदेश दिया है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ऑल इंडिया सिमेंट्स और इसकी सहायक कंपनियों के अधिकारियों को बीसीसीआई से तुरंत हटाया जाएगा।"
बोर्ड में शामिल इंडिया सिमेंट्स के सबसे चर्चित नामों में तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) के सचिव और श्रीनिवासन के बेहद करीबी माने जाने वाले काशी विश्वनाथ हैं जो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) का सदस्य होने के साथ ही न्यू एरा डेवलपमेंट सब-कमेटी में भी शामिल हैं। वह लंबे समय तक इंडिया सिमेंट्स में लागत विभाग के अध्यक्ष थे और कुछ साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं।
विश्वनाथ के अलावा सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद कंपनी के जिन और अधिकारियों पर गाज गिरी है उसमें टीम इंडिया के लॉजिस्टिक्स मैनेजर एमए सतीश, आईपीएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी प्रसन्ना कानन, टीएनसीए के संयुक्त सचिव आरआई पलानी शामिल हैं। पलानी कंपनी में सीनियर मैनेजर होने के साथ ही बीसीसीआई के जोनल एकेडमी कमेटी में भी सदस्य हैं। इसी तरह पीएस रमन इंडिया सिमेंट्स में उपाध्यक्ष होने के साथ ही श्रीनिवासन के वकील और टीएनसीए सहित बीसीसीआई में भी कानूनी सलाहकार हैं।
BCCI के एक और अधिकारी को हटाने की मांग
आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा ने बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष सुनील गावस्कर को पत्र लिखकर सुंदर रमन को आईपीएल के सीओओ के पद से हटाने की मांग की है।
वर्मा ने पत्र में कहा कि सुंदर रमन का सीओओ बने रहना आईपीएल और क्रिकेट के हितों के खिलाफ है।
मुंबई पुलिस ने मुद्गल जांच समिति को जानकारी दी थी कि सुंदर रमन ने आईपीएल-6 में अंदरूनी जानकारी उपलब्ध कराई थी जिसका इस्तेमाल सट्टेबाजी में हुआ था।