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चमकने वाली स्टंप-गिल्ली की कीमत सुनेंगे तो चौंक जाएंगे!

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ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप में टीम और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चर्चा के अलावा एक और चीज भी है जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।
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और यह है वर्ल्ड कप के मैचों के दौरान प्रयोग में लाए जा रहे स्टंप और गिल्ली। स्टंप और गिल्ली पर गेंद के लगते ही वह चमकने लग जाती है। सभी सोच रहे हैं कि स्टंप और गिल्ली में एलईडी का प्रयोग कैसे हुआ और यह किसके दिमाग की उपज है।

खैर, हम आपको इसे खोजकर्ता और एक स्टंप को बनाने में आए लागत के बारे में बताने जा रहे हैं।
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आईफोन से भी महंगा एक छोटी सी गिल्‍ली

बांग्लादेश में चल रहे मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप में इस्तेमाल हो रहे एलईडी स्टंप्स के खोजकर्ता ब्रोंटे एकरमैन ने कहा है कि टीम इंडिया के खिताब जीतने के बाद अगर यह स्टंप कप्तान धोनी को बतौर निशानी दे दिया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

एकरमैन ने कहा, "यह स्टंप्स बेहद महंगे हैं। एक मैच के दौरान लगने वाले सारे सिस्टम का खर्च लगभग 25 लाख रुपए (40 हजार डॉलर) आता है इसलिए मैं खिलाड़ियों को जीत का जश्न मनाते समय इसे उखाड़ने की अनुमति नहीं देता।"

उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि धोनी को निशानी के तौर पर स्टंप्स बेहद पसंद हैं। इसलिए अगर भारत खिताब जीतता है तो मैं फिर धोनी के लिए कोई व्यवस्था कर दूंगा।"

हथौड़े से मारने पर भी नहीं जलेगी स्टंप की बत्ती

ब्रोंटे एकरमैन ने इस टूर्नामेंट के लिए 32 स्टंप्स और 40 बेल्स बनाए हैं। एक बेल्स का ही मूल्य एक आईफोन से भी कहीं अधिक है।

टूर्नामेंट खत्म होने के बाद वह अपने सारे संसाधनों को वापस ले लेंगे। ब्रोंटे एकरमैन ने एलईडी स्टंप्स का पेटेंट करवा रखा है।

उन्होंने बताया कि ये टच फ्रेंडली भी हैं। हथौड़े से मारने पर भी स्टंप की लाइट नहीं चमकती है लेकिन जब विकेटकीपर ग्लव्स के साथ गेंद को विकेट पर मारता है तो लाइट जलने लगती है। ऐसा इसलिए भी है कि इससे अंपायर को फैसला लेने में सहुलियत हो सके।

तीन साल की मेहनत के बाद मिली सफलता

बिजली वाली स्टंप बनाने वाले ब्रोंटे एकरमैन का यह ड्रीम प्रोजेक्ट ‌था और इसे तैयार करने में तीन साल का अथक मेहनत लगा।

एकरमैन के अनुसार, ऐसे स्टंप बनाने का आइडिया उन्हें तब आया जब उन्होंने अपनी छोटी बेटी को बॉल के साथ खेलते ‌देखा, वह बॉल के चमकने पर उछल जाती थी। तभी यह विचार उनके दिमाग में कौंधा कि क्यों न एक ऐसी तकनीक बनाई जाए जिससे क्रिकेट कलरफुल हो जाए।

इसके बाद उन्होंने इस पर काम करना शुरू किया और अब वह अपने मिशन में सफल हो चुके हैं।
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आईपीएल में भी दिख सकते ह‌ैं ऐसे स्टंप

ऐसा नहीं है कि पहली बार बिजली वाली स्टंप का प्रयोग किया गया हो। इससे पहले 2012 में ऑस्ट्रेलिया में टी-20 टूर्नामेंट बिग बैश में ऐसे स्टंप का प्रयोग किया गया था।

उन्होंने बताया कि ट्रायल के आधार पर पहले एडिलेड में एक क्लब गेम में इसे खेला गया। बाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसे बिग बैश में शामिल कर लिया।

आईपीएल-7 में भी रंगीन स्टंप लगाने को लेकर बातचीत जारी है और इसे लेकर अभी कोई फैसला ‌नहीं लिया जा सका है।
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