फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लौटे महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज से भागे दोनों छात्र

Mon, 22 Feb 2016 12:06 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
विगत 19 जनवरी को देहरादून स्थित महाराणा स्पोर्ट्स कॉलेज से भागे दो छात्रों में से एक छात्र जहां 15 फरवरी को लौटा, वहीं दूसरा 20 तारीख को घर आ गया।
विज्ञापन


वापस आए सुनील पुन ने अमर उजाला को बताया कि वह साथी कमल के बहकावे में आ गया था। सहपाठी कमल तिवारी ने उससे कहा था कि अब यहां मन नहीं लगता है, चलों भाग चलें और कहीं जॉब करेंगे। उसकी बातों में आकर उसने यह कदम उठाया। हालांकि कमल उसके आरोपों को गलत बताता है।

उसका कहना है कि सुमन कोई छोटा बच्चा नहीं है जो मेरे कहने पर भाग जाएगा। दोनों अपनी मर्जी से भागे थे। परीक्षा देने के सवालों पर दोनों ने कहा कि हम एग्जाम देंगे। वहीं, स्पोर्ट्स कॉलेज के कोच और प्रिंसिपल का कहना है कि दोनों ने बचपने में जो गलती की उसे सुधारें और पढ़ाई पर ध्यान दें।
विज्ञापन


कमल तिवारी मेरा बेस्ट फ्रैंड है। मैं जो कहता था वह मानता था और उसकी हर बात मैं मानता था। एक दिन कमल ने उससे कहा कि कहीं भाग चलते हैं, जॉब करेंगे। इस पर दोनों किसी तरह कॉलेज से बिना बताए हरिद्वार पहुंचे। वहां पर ट्रक ड्राइवर से नौकरी की रिक्वेस्ट कर उन्हीं के साथ राजस्थान और गुजरात चले गए।
- सुनील पुन

रविवार के दिन मैंने और सुनील ने एक जूनियर खिलाड़ी से मजाक-मजाक में धक्का-मुक्की कर दी। उस खिलाड़ी ने कोच से शिकायत कर दी। इस पर कोच ने दोनों को सजा दी और कहा कि मन नहीं लगता हो तो टीसी दे दूं। हमने कहा दे दीजिए। इस पर वह बोले कि टीसी का मतलब समझते हो, तुम्हारी फैमिली से रिकवरी हो जाएगी। इसके बाद रात में हमने प्लान बनाया और भाग गए।
- कमल तिवारी

दोनों मन लगाकर प्रैक्टिस नहीं कर रहे थे। दोनों को डांटा और कॅरिअर पर ध्यान देने को कहा। लेकिन दोनों ने इसे गलत तरीके से लिया। दोनों से मेरा यही कहना है अभी वक्त है कॅरिअर पर ध्यान दें। दोनों जुनूनी हैं लेकिन इस जुनून को सही दिशा में लगाना होगा। इसमें हम उनकी पूरी मदद करेंगे।
- ललित बॉक्सिंग कोच

एग्जाम नजदीक है, ऐसे में दोनों पुरानी बातों को भूलकर कॅरिअर पर ध्यान दें। स्पोर्ट्स कॉलेज प्रशासन दोनों की हर संभव मदद करेगा। बचपने में दोनों ने जो गलती की उसकी माफी मांगें और आइंदा ऐसी हरकत करके कॉलेज और परिजनों को परेशान नहीं करने की शपथ लें।
- राजेश ममगईं, प्रिंसिपल महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज

ड्राइवर जोगेंदर की जुबानी छात्रों की कहानी...
मैं गाड़ी में सुस्ता रहा था। यूं ही कोई रात के 11 बजे होंगे, बाहर बारिश हो रही थी। मैं आईटीसी कंपनी हरिद्वार के बाहर खड़ा था। दोनों छात्रों ने मेरे ट्रक का दरवाजा खटखटाया। बोले, हम दोनों आपके साथ काम करना चाहते हैं। एक-दो माह बाद वापस चले जाएंगे। ड्राइवर ने कहा कि घर पर फोन कर लो, यह मेरा मोबाइल है।
विज्ञापन


दोनों में से एक लड़के को फोन नहीं करने को कहा। फिर नो एंट्री खत्म होने के बाद हम रात एक बजे सिडकुल हरिद्वार से पानीपत, कांधला गुजरात, कालीगाड़ हिमाचल, फिर दुबारा कांधला, राजकोट गुजरात वापस आए। दूसरी गाड़ी में ड्राइवर जोगा साईं गाड़ी चला रहा था। मुझे खुशी है कि सुनील सकुशल घर पहुंच गया। इसको समझाया था कि घर चले जाओ बेटा। फिर सुनील ने अपने भाई से 20 दिन बाद फोन करके बताया कि वह मेरे साथ है। उस टाइम हम मोगा पंजाब में थे।

पुन का कॅरिअर
14वीं उत्तराखंड स्टेट सब जूनियर ब्वॉयज भठिंडा पंजाब चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया
59वीं अंडर 14 वर्ग बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2013-14 प्रतिभाग किया
60वीं नेशनल स्कूल गेम्स अंडर 17 वर्ग 2014-15- आनंदपुर साहिब पंजाब में प्रतिभाग किया

कमल का कॅरिअर
नेशनल स्कूल गेम्स अंडर 14 वर्ग 2012, मध्यप्रदेश में सिल्वर मेडल
स्टेट सब जूनियर चैंपियनशिप अंडर 16 वर्ग 2014, पौड़ी में गोल्ड मेडल
स्कूल स्टेट जूनियर चैंपियनशिप अंडर 17 वर्ग 2015, पिथौरागढ़, गोल्ड मेडल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें