शहर के प्राइवेट स्कूलों के खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम महंगे हो गए हैं। खेल विभाग चंडीगढ़ की ओर से निजी स्कूल के खिलाड़ियों के लिए फीस पांच सौ रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी है।
इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन के चेयरमैन एचएस मामिक का कहना है कि खेल विभाग चंडीगढ़ की ओर से उनसे ज्यादा फीस ली जा रही है, जबकि सरकारी स्कूल के खिलाड़ियों के लिए यह स्टेडियम मुफ्त है।
विभाग की ओर से प्राइवेट स्कूल से स्टेडियम में एक मैच करवाने के लिए पांच हजार रुपये फीस ली जा रही है। फीस के अचानक इतने बढ़ने के कारण अब एसोसिएशन अधिकारियों की ओर से शिक्षा विभाग निदेशक को पत्र भेज इसे कम करने का निवेदन किया गया है।
फीस दोगुनी नहीं दस गुना बढ़ाई: मामिक
विवेक हाई स्कूल सेक्टर-38 के चेयरमैन एचएस मामिक ने बताया कि फीस बढ़ाने का एक तरीका होता है, एक दम से दस गुना फीस बढ़ाने से हर स्कूल का ऐतराज जताना जायज है।
ऐसे में कोई भी निजी स्कूल कैसे इतनी फीस दे सकता है। शहर के स्टेडियम में सरकारी स्कूल के खिलाड़ियों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूल के बच्चे क्यों कम फीस में नहीं खेल सकते।
उन्होंने कहा कि फीस कम करने के लिए उन्होंने खेल विभाग निदेशक को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।
कोट
प्राइवेट स्कूल के खिलाड़ियों के लिए फीस पहले से कम की गई है। यह एक अप्रैल से लागू की गई है।
-जेपीएस सिंधू, सहायक निदेशक, खेल विभाग