महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के एथलीटों ने अपने पैरों का जलवा बिखेरते हुए साल की पहली क्रॉस कंट्री की चैंपियनशिप पर कब्जा कर लिया।
स्पोर्ट्स कालेज ने अंडर-14 बालक के टॉप-6 और पुरुष ओपन वर्ग की दौड़ में चार स्थानों पर कब्जा जमाया। पुरुष ओपन के पहले स्थान पर उत्तराखंड पुलिस ने बाजी मारी।
वहीं बालिका वर्ग में प्राथमिक विद्यालय रायपुर की छात्राओं ने अंडर-14 और ओपन वर्ग की दौड़ जीती। पुरुष वेटरन वर्ग में उत्तराखंड परिवहन निगम अव्वल आया।
अंतर्राष्ट्रीय एथलीट ने दिखाई हरी झंडी
जिला खेल कार्यालय के तत्वावधान में शनिवार सुबह सवा 8 बजे एस्लेहाल से पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीट और कोच गुरुफूल सिंह ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत कराई।
सबसे पहले अंडर-14 बालिका वर्ग की दौड़ हुई। करीब 3 किलोमीटर की दौड़ एस्लेहॉल चौक से शुरू होकर दिलाराम चौक से होते हुए वापस एस्लेहॉल चौक पर पहुंचकर समाप्त हुई।
एस्लेहॉल से शुरू हुई दौड़
अंडर-14 बालक व बालिका ओपन वर्ग की करीब 6 किलोमीटर दौड़ एस्लेहॉल चौक से आरटीओ होते हुए वापस एस्लेहॉल पर समाप्त हुई। वहीं बालक ओपन वर्ग की करीब 14 किलोमीटर लंबी दौड़ एस्लेहॉल चौक से राजपुर रोड, मसूरी डायवर्जन होते हुए वापस एस्लेहॉल पर आकर खत्म हुई।
वेटरन वर्ग की दौड़ एस्लेहॉल से दिलाराम चौक होते हुए वापस एस्लेहॉल पर समाप्त हुई। इसमें उत्तराखंड परिवहन निगम के मुकेश राणा ने पहला स्थान हासिल किया। उत्तराखंड पुलिस के राजेश ने पुरुष ओपन वर्ग और स्पोर्ट्स कालेज के शुभम चौधरी ने अंडर-14 वर्ग में पहला स्थान हासिल किया।
बालिका अंडर-14 में रायपुर की संध्या और महिला ओपन में रिंकी कुमारी अव्वल रहीं। समापन समारोह में गुरुफूल सिंह ने दौड़ में टॉप-6 स्थानों पर आए खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी राजेश ममगाईं, पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबालर सीबी थापा, दीपक रावत, कुमार थापा, संजय थापा, गोविंद सिंह, ललित जोशी, लोकेश कुमार, रंजीत थापा, गमाल सिंह रावत, रवीन्द्र पाल सिंह मेहता, रवींद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
राघवेंद्र सकलानी बने प्रेरणा
गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य पर शनिवार सुबह एस्लेहॉल पर 83 साल के राघवेंद्र सकलानी भी क्रॉस कंट्री के शुरू होने से पहले पहुंचे। खेल विभाग के अधिकारियों ने उनका स्वागत कर बैठने का आग्रह किया। मगर राघवेंद्र सकलानी ने वेटरन वर्ग की दौड़ में हिस्सा लेने की इच्छा जताकर सभी को चौंका दिया।
एस्लेहॉल से दौड़ शुरू करने के बाद करीब 3 किलोमीटर का रूट करने के बाद वे बिना रुके वापस एस्लेहॉल पर फिनिसिंग प्वाइंट पर पहुंचे। उनके जोश को देखकर सभी ने उनका तालियां बजाकर स्वागत किया।