आईपीएल से बीते साल निकला स्पॉट फिक्सिंग का जिन्न अभी बोतल में वापस भी नहीं जा पाया है कि बीसीसीआई ने एक और विवादास्पद निर्णय ले डाला।
साल 2000 में मैच फिक्सिंग का भूचाल सामने आने पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने शारजाह में टीम इंडिया के खेलने पर रोक लगाई थी।
बावजूद इसके आईपीएल-7 का प्रथम चरण 'फिक्सिंग के स्वर्ग' यूएई में ही कराया जा रहा है। पूर्व क्रिकेटरों ने बोर्ड का यह विवादित फैसला रास नहीं आया है और इस निर्णय पर अपनी नजरें भी तिरछी कर दी हैं।
16 सालों में भारत ने खेले थे 73 मैच
हालांकि आईपीएल-7 की मेजबानी के लिए पहले दक्षिण अफ्रीका का भी नाम चल रहा था लेकिन बीसीसीआई के दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट (सीएसए) से खराब संबंधों के बाद भी वह मेजबानी की रेस में बना हुआ था लेकिन आईपीएल की कई फ्रेंचाइजी चाहती थी कि दक्षिण अफ्रीका के बजाए यह टूर्नामेंट यूएई में कराया जाए।
2009 में जब दक्षिण अफ्रीका में आईपीएल हुआ था तो उसे काफी फायदा हुआ था। उसे 100 मिलियन डॉलर का मुनाफा हुआ और 4.7 मिलियन डॉलर का बोनस का भी भुगतान किया।
भारत ने शारजाह में 1984 से लेकर 2000 तक कुल 73 वनडे मैच खेले थे। और इस दौरान कई मैचों में फिक्सिंग के आरोप लगे थे। शारजाह में खेले गए भारत और पाकिस्तान के कई मैच खासकर एशिया कप के कई मैचों के फिक्स होने पर संदेह लगे। 2000 में ही मैच फिक्सिंग का जिन्न बाहर आया और हैंसी क्रोन्जे को उनमें संलिप्त होने के कारण उनके क्रिकेट खेलने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया।
2000 में बोर्ड ने लगाया था प्रतिबंध
साल 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण की जांच में जांच एजेंसियों ने यह तथ्य सामने रखा था कि भारतीय टीम शारजाह नहीं भेजी जानी चाहिए। इस पर 2001 में बोर्ड ने टीम के शारजाह भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया।
भारत ने शारजाह में अपना अंतिम मुकाबला 29 अक्तूबर 2000 को कोको कोला चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल श्रीलंका के खिलाफ खेला और इस मैच में उसे 245 रनों की करारी हार मिली थी।
भारत वनडे के अपने सबसे कम स्कोर 54 रनों पर आउट हुआ। हालांकि यूएई के अबुधाबी में 2006 में टीम इंडिया ने पाकिस्तान से दो मैच जरूर खेले। अब बोर्ड का कहना है कि यूएई में आईपीएल के होने वाले 16 मुकाबले दुबई, अबुधाबी, शारजाह में होंगे।
2009 में भी यूएई ले जाने का प्रयास हुआ था
1984 के पहले एशिया कप में भारत की खिताबी जीत में मुख्य भूमिका निभाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज सुरिंदर खन्ना कहते हैं कि आखिर बोर्ड ने शारजाह में नहीं खेलने के प्रतिबंध को कब और किस बैठक में वापस उठाया। इस बारे में किसी को जानकारी नहीं है। खन्ना कहते हैं कि यह किसी से नहीं छिपा है कि यूएई में सट्टेबाज आसानी से खिलाड़ियों से मिलजुल सकते हैं। स्पॉट फिक्सिंग की जांच भी चल रही है। बावजूद इसके इसे यूएई भेजा जा रहा है।
2009 में आम चुनाव के चलते आईपीएल को सुरक्षा देने से इनकार करने पर ललित मोदी ने इसे यूएई शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन बोर्ड में बैठे सरकार के दिग्गजों ने इस पर वीटो कर ऐसा नहीं होने दिया। तब इसे दक्षिण अफ्रीका ले जाया गया।
हालांकि आईपीएल कमिश्नर रंजीब बिस्वाल कहते हैं कि यूएई सरकार से बात की गई है और उन्होंने हर मुद्दे पर सुरक्षा का आश्वासन दिया है। सभी स्टेडियमों का मैच से पहले मुआयना करने की बात कही गई है। पूर्व क्रिकेटर और सांसद कीर्ति आजाद का कहना है कि जस्टिस मुकुल मुद्गल की स्पॉट फिक्सिंग पर रिपोर्ट आने के बाद और सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले पर संज्ञान लेने के बावजूद बोर्ड ने यह निर्णय लिया है।