मौजूदा चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविच को साल के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल तक आसान ड्रॉ मिला है। वहीं वर्ल्ड नंबर वन स्पेन के राफेल नडाल को हालांकि अपेक्षाकृत कठिन ड्रॉ हासिल हुआ है।
मेलबर्न पार्क में तीन बार खिताब जीत चुके जोकोविच को पहले दौर में विश्व के 90वें वरीय खिलाड़ी स्लोवाकिया के लुकास लेको से भिड़ना है। इसके बाद वह चौथे दौर में 15वें वरीय इटली के फेबियो फोगनीनी से भिड़ सकते हैं।
दूसरी ओर, चोट के कारण बीते साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में नहीं खेल सकने वाले नडाल को पहले दौर में बनार्ड टोमिक से भिड़ना है। टोमिक 2011 में विंबलडन क्वार्टर फाइनल खेल चुके हैं और विश्व वरीयता में 27वां स्थान रखते हैं। इसके बाद नडाल को 25वें वरीय गोल मोनफिल्स, पूर्व नम्बर वन लेटन हेविट और 16वें वरीय केइ निशिकोरी से भिड़ना है। विंबल्डन चैंपियन ब्रिटेन के एंडी मरे को 17 बार के ग्रैंड स्लेम चैंपियन रोजर फेडरर के साथ एक ही क्वार्टर में रखा गया है।
महिला वर्ग में मारिया शारापोवा की राह आसान
दिग्गज अमेरिकी खिलाड़ी अमेरिका की सेरेना विलियम्स अपने 18वें ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी के खिलाफ करेंगी। चौथे राउंड में उनकी भिड़ंत स्थानीय खिलाड़ी समांथा स्तोसुर से हो सकती है, जिन्होंने 2011 यूएस ओपन फाइनल में सेरेना को हराया था।
दो बार की चैंपियन और दूसरी सीड विक्टोरिया अजारेंका पहले राउंड में स्वीडन की जोहाना लारसन से मुकाबला करेंगी जबकि चौथे राउंड में उनका मुकाबला 13वीं सीड अमेरिका की स्लोएन स्टीफंस से हो सकता है। तीसरी सीड रूस की मारिया शारापोवा पहले दौर में अमेरिका की बेथानी माटेक सैंड्स से भिड़ेंगी। चौथे दौर में उनकी टक्कर आठवीं सीड जेलेना यांकोविच से हो सकती है।
सोमदेव देववर्मन को मिला कठिन ड्रॉ
भारत के नंबर वन टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन को साल के पहले ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन ओपन में कठिन ड्रॉ मिला है। सोमदेव पहले ही राउंड में दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी स्पेन के फेलिसियानो लोपेज से भिड़ेंगे।
अगर वह पहली बाधा पार करने में सफल रहते हैं तो फिर दूसरे राउंड में उनका सामना फ्रांस के माइकल लोड्रा से हो सकता है। अगर सोमदेव यह बाधा भी पार कर लेते हैं तो फिर तीसरे राउंड में उनके सामने दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी एंडी मरे से हो सकते हैं।
हालांकि अब तक के तीन प्रयास में सोमदेव कभी दूसरे राउंड से आगे नहीं बढ़ सके हैं। वैसे भी मौजूदा समय में उनके फॉर्म को देखते हुए सोमदेव से फिलहाल अधिक उम्मीद नहीं की जा रही है।