मासूम चेहरा, आंखों में शरारत और हर पल उछलने-कूदने की बेचैनी...। खेल किट से लैस सात साल की माही में यह सब कुछ नजर आया, लेकिन ताईक्वांडो चैंपियनशिप के उद्घाटन समारोह में उसके दांव-पेंच देखकर दर्शकों ने दांतों तले उंगली दबा ली।
स्वर्ण पदक जीतने के साथ हुई शुरुआत
पूछताछ में पता चला कि यह कोई आम बच्ची नहीं, बल्कि एशिया की सबसे कम उम्र की ब्लैक बेल्टधारी खिलाड़ी है। माही के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत इस वर्ष भूटान में स्वर्ण पदक जीतने के साथ हुई।
कम उम्र होने के नाते माही को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली, लेकिन टीम के प्रशिक्षण शिविर में उसे शामिल किया गया है। पेसलवीड कालेज में चौथी अंतरराष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिताके उद्घाटन पर भारतीय दल के साथ शामिल माही के दांवपेंच देखकर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी ताली बजाकर उसका हौसला बढ़ाया।
माही ने बताया कि वह सात साल की है और लखनऊ की रहने वाली है। बीते वर्ष 6 साल की उम्र में उसे ब्लैक बेल्ट हासिल हुई। इसके लिए मिर्जापुर (यूपी) में परीक्षा दी और मणिपुर में राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता के दौरान ब्लैक बेल्ट मिली।
बीती जुलाई में माही ने भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता में स्वर्ण जीत कर करियर की शुरुआत की। महाराजगंज (यूपी) में राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता में भी स्वर्ण जीता। माही ने बताया कि सिर्फ तीन साल की उम्र से वह ताईक्वांडो खेल रही है।