उत्तराखंड की ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं पर छाया संकट खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने नई योजना के साथ राज्य के लिए 1.30 करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
पाइका बंद करने के फैसले से खड़ा हो गया था संकट
अक्तूबर महीने से राज्य में ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन शुरू होगा। पंचायत युवा क्रीड़ा अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल अंडर-16 बालक-बालिका और महिला ओपन वर्ग की प्रतियोगिताओं होती हैं।
इस साल केंद्र सरकार के पाइका योजना बंद करने के फैसले से इन प्रतियोगिताओं पर संकट खड़ा हो गया था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। तब राजीव गांधी ग्रामीण खेल योजना शुरू होने की बात कही गई थी, लेकिन गाइडलाइन जारी नहीं हुई थी। अब ग्रामीण खेलों को हरी झंडी मिल गई है।
पाइका के सहायक समादेष्टा अजय अग्रवाल ने बजट मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि योजना में कोई बढ़ा परिवर्तन नहीं किया गया है। इसमें अंडर-16 बालक-बालिका वर्ग और महिला ओपन वर्ग की कुल 15 खेल प्रतियोगिताएं होंगी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए अक्तूबर महीने से जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को शुरू कराने की तैयारी चल रही है।