आईपीएल में गत वर्ष पदार्पण करने वाली सनराइजर्स हैदराबाद ने बेहतरीन प्रदर्शन से शीर्ष पांच में जगह बनाई तो टीम के पूर्व सदस्य राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में राजस्थान रॉयल्स ने सभी का दिल जीत लिया।
मगर अबु धाबी में शुक्रवार को जब ये दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो विदेशी जमीन पर दिल जीतने के साथ मजबूत शुरुआत इनके लिए चुनौती होगी।
आईपीएल के पहले संस्करण में खिताब जीत चुकी राजस्थान के सामने सनराइजर्स अनुभव के मामले में काफी पीछे हैं।
द्रविड़ नहीं हैं अब टीम का हिस्सा
सनराइजर्स वर्ष 2013 में ही आईपीएल परिवार का हिस्सा बनी थी। मगर वह इस दौरान बेहतरीन प्रदर्शन के साथ राजस्थान से महज एक स्थान पीछे चौथे नंबर पर रही थी।
वह नॉकआउट तक पहुंची लेकिन ऐलिमिनेटर में राजस्थान के हाथों पराजित हो गई थी।
दूसरी ओर राजस्थान की कप्तानी संभालने के बाद उसे एक नए मुकाम पर पहुंचाने वाले राहुल द्रविड़ अब टीम का हिस्सा नहीं हैं और बिना द्रविड़ के मार्गदर्शन के उसे खुद को साबित करना होगा।
संजू सैमसन से हैं उम्मीदें
राजस्थान को हमेशा छिपा रुस्तम कहा गया लेकिन टीम के युवाओं ने सभी को गलत साबित किया।
टीम के पास संजू सैमसन और उन्मुक्त चंद जैसे युवा खिलाड़ी हैं तो 42 वर्षीय प्रवीण तांबे ने भी जरूरत पड़ने पर मैच का रूख बदल दिया।
आईपीएल-7 की नीलामी में राजस्थान ने स्टीवन स्मिथ, टिम साउदी जैसे खिलाड़ी खरीदे तो रहाणे, वाटसन, स्टुअर्ट बिन्नी, जेम्स फॉकनर और संजू जैसे मैच विजेता खिलाड़ियों को बरकरार रखने में समझदारी दिखाई।
इसके अलावा पिछले संस्करणों में कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले रजत भाटिया को भी उसने टीम का हिस्सा बनाकर समझदारी दिखाई है।