आईपीएल के पिछले संस्करणों में बेहद कमजोर मानी जाने वाली पंजाब की टीम ने अपने पिछले मुकाबले में दो बार खिताब जीत चुकी महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपरकिंग्स को छह विकेट से हराकर न सिर्फ विजयी शुरुआत की बल्कि एकतरफा माने जा रहे मुकाबले में जीतकर सभी को चौंका भी दिया।
ग्लेन मैक्सवेल ने चेन्नई जैसी टीम के सामने 95 रनों की पारी खेलकर अकेले
दम पर टीम को जीत दिला दी। इस पारी के बाद उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
इस जीत से टीम का मनोबल तो बढ़ा है लेकिन उसकी अगली चुनौती राजस्थान जैसी मजबूत टीम से है जिसने आईपीएल में अपना दूसरा संस्करण खेल रही सनराइजर्स हैदराबाद को चार विकेट से पराजित किया था।
मध्यक्रम है बेहद मजबूत
डेविड मिलर और कप्तान जॉर्ज बैली के रूप में टीम के पास मध्यक्रम में बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं जो आखिरी ओवरों में भी मैच का पासा पलट सकते हैं।
चेतेश्वर पुजारा और वीरेंद्र सहवाग पर टीम को मजबूत शुरुआत देने की जिम्मेदारी होगी।
मिचेल जॉनसन, अक्षर पटेल, लक्ष्मीपति बालाजी, परविंदर अवाना के रूप में टीम के पास अच्छे गेंदबाज हैं।
राजस्थान के पास द्रविड़ का अनुभव
राजस्थान के पास अभिषेक नायर, अजिंक्य रहाणे, संजू सैमसन, कप्तान शेन वाटसन, ब्रैड हॉज और स्टुअर्ट बिन्नी के रूप में कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं।
टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ भले ही खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा नहीं हैं लेकिन वह मेंटर की भूमिका में हैं और उनकी मौजूदगी टीम के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।
राजस्थान को हमेशा छिपा रुस्तम कहा गया लेकिन टीम के युवाओं ने सभी को गलत साबित किया।
टीम के पास सैमसन और उन्मुक्त चंद जैसे युवा खिलाड़ी हैं तो 42 वर्षीय प्रवीण तांबे और हॉज जैसे मंझे हुए खिलाड़ी भी जरूरत पड़ने पर मैच का रुख बदल सकते हैं।