इंग्लैंड के दिग्गज केविन पीटरसन ने नौ साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को समाप्त कर लिया है। केविन पीटरसन दक्षिण अफ्रीका के रहने वाले हैं और इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अपना करियर बनाया।
वह कई मौकों पर अपनी टीम के खेवनहार भी बने। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई दौरे के दौरान इंग्लैंड की शर्मनाक हार के बाद दिग्गज बल्लेबाजों पर गाज गिरना ही था। कप्तान एलिस्टर कुक और पीटरसन समेत कई बल्लेबाज सीरीज में रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे। ईसीबी ने भविष्य की टीम में पीटरसन को शामिल नहीं करने का फैसला नहीं किया तो उन्होंने भविष्य में इंग्लैंड की ओर से नहीं खेलने की घोषण कर डाली।
लेकिन इस स्टायलिश बल्लेबाज का विवादों से पुराना नाता रहा है। यह पीटरसन की बेहतरीन बल्लेबाजी ही थी जिसने उनको विवादों के बावजूद टीम में बनाए रखा। आइए जानते हैं कि कब-कब और कहां पर वह विवादों में घिरे।
जब कप्तान ने पीटरसन का किट बैग ही फेंक दिया
2003 में केविन पीटरसन काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाने के लिए बेताब थे। वह उस समय नॉटिंघमशायर के लिए खेलते थे लेकिन उनकी टीम को काउंटी में सेकंड डीविजन में रेलिगेट कर दिया गया तो वह खासे नाराज हो गए।
पीटरसन इस फैसले से खुश नहीं थे और लोगों के बीच जाकर इसके खिलाफ आवाज उठाई। कहा जाता है कि नॉटिंघमशायर के तत्कालीन कप्तान जेसन गैलियन ने ड्रेसिंग रूम से पीटरसन का किट बैग ही उठा कर फेंक दिया था।
केविन पीटरसन इस टीम के साथ चार साल का करार पूरा कर चुके थे और उन्होंने नॉटिंघमशायर पर मुकदमा करने की धमकी दी। बाद में साल 2004 के अंत में हैम्पशायर की टीम से जुड़ गए।
अफ्रीकी कप्तान स्मिथ के साथ छिड़ी जुबानी जंग
बल्लेबाज केविन पीटरसन इंग्लैंड की टीम में शामिल हो चुके थे और टीम की बल्लेबाजी के मजबूत स्तंभ बन चुके थे लेकिन वह किसी न किसी तरह विवादों में बने ही रहते थे।
उनके करियर के बड़े विवादों में 2006 की उस घटना को भी शामिल किया जाता है जिसमें वह दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान ग्रीम स्मिथ से भिड़ गए। पीटरसन ने अपनी किताब में दक्षिण अफ्रीकी टीम में कोटा सिस्टम का विरोध किया था।
पीटरसन को कोटा सिस्टम के साथ अच्छा अनुभव नहीं रहा था और इसी सिस्टम के कारण उन्हें दक्षिण अफ्रीकी टीम में शामिल नहीं किया गया और वह इंग्लैंड चले आए थे। इस किताब में उन्होंने अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ की जमकर आलोचना भी की।
ग्रीम स्मिथ ने किया पलटवार
पीटरसन ने अपनी किताब में दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ की खुलकर आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2004-05 में इंग्लैंड के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान उन पर नस्लीय टिप्पणी की गई।
इस दौरान उन्हें मपेट तक कहा गया। मपेट का अर्थ एक कार्टून कैरेक्टर है जो अश्वेत है। जबाव में अफ्रीकी कप्तान ने कहा, "मैं एक देशभक्त हूं। और मैं केविन पीटरसन जैसे लोगों को पसंद नहीं करता हूं।"
मैदान पर दोनों की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है, लेकिन स्मिथ 2013 में सरे टीम को बतौर कप्तान टीम से जुड़े और अब पीटरसन को उनकी कप्तानी में अगले सत्र में खेलना होगा।
पीटरसन का वो विवादित शॉट
केविन पीटरसन ने बेहतरीन बल्लेबाज हैं ही साथ में अपनी बल्लेबाजी शैली में बदलाव भी लाते रहते हैं। उन्होंने एक ऐसा शॉट खेला जिस पर बाद में विवाद ही बन गया, लेकिन अन्य बल्लेबाज उनकी स्टायल में बल्लेबाजी करने लगे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन-चार पहले एक वनडे मुकाबले में खेला गया स्विच हिट शॉट ने क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया। यह विवादित शॉट क्रिकेट के पंड़ितों के लिए चर्चा का विषय बन गया, लेकिन दुनियाभर के युवा बल्लेबाजों ने इस शॉट को हाथों हाथ लपक लिया।
कोच मूर्स को ले बैठे पीटरसन
2007 में पीटर मूर्स इंग्लैंड के नए कोच बने और 2008 में माइकल वॉन के इस्तीफे के बाद केविन पीटरसन को कप्तान बना दिया गया।
बतौर कप्तान पीटरसन की शुरुआत बेहद शानदार रही और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार जीत हासिल की। इंग्लैंड ने यह सीरीज 4-0 से जीती। लेकिन इसके बाद उनका खराब दौर शुरू हो गया और वेस्ट इंडीज दौरे में वनडे सीरीज 0-5 से गंवा दी। इसके बाद इंग्लैंड भारत से 1-0 से टेस्ट सीरीज हार बैठा।
2009 में कप्तान और कोच के बीच रिश्तों में तल्खी बढ़ती गई। और विवाद इस कदर बढ़ गया कि कोच मूर्च ने यहां तक कह डाला कि वह कप्तान पीटरसन के साथ काम नहीं कर सकते। विवाद के सार्वजनिक होने के बाद पीटर मूर्स को कोच पद से हटा दिया गया जबकि पीटरसन भी अपनी कप्तानी गंवा बैठे।
वनडे टीम से बाहर होना और ट्वीट करना
पाकिस्तान की क्रिकेट टीम 2010 में जब इंग्लैंड के दौरे पर पहुंची तो केविन पीटरसन को वनडे सीरीज से बाहर कर दिया गया। केपी टीम से बाहर किए जाने पर बेहद नाराज हो गए और अपनी भड़ास ट्विटर पर निकाली।
ट्विटर पर चयनकर्ताओं की आलोचना करने के बाद जब उनकी आलोचना हुई तो उन्होंने अपने पेज से उस ट्वीट को हटा दिया। लेकिन इंग्लैंड की टीम प्रबंधन ने इसे ज्यादा तुल नहीं दिया और 2011 वर्ल्ड कप में उनकी वापसी हो गई।
इससे पहले उन्होंने एशेज सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर अपनी काबिलियत साबित की थी।
दर्शकों के साथ कई बार हुई नोकझोंक
पीटरसन का न सिर्फ अपनी टीम के खिलाड़ियों के बीच विवाद होता रहता था बल्कि दर्शकों के साथ भी उलझते रहते थे। खासकर इंग्लैंड के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान।
दर्याक भी उनके साथ मस्ती करने का मौका नहीं गंवाते थे। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पीटरसन और दर्शकों के बीच नोकझोंक चर्चा का विषय बना रहता था।
इस बार इंग्लैंड के ऑस्ट्रेलियाई दौरे के दौरान पहले टेस्ट मैच में जब पीटरसन क्षेत्ररक्षण के लिए सीमारेखा के पास खड़े थे तो दर्शकों ने उनसे ऑटोग्रॉफ मांगा और जब वह ऑटोग्रॉफ देने के लिए आगे बढ़े तो दर्शकों ने बिना किसी कलम के ऑटोग्रॉफ मांगा, जिस पर पीटरसन नाराज हो गए। साथ ही दर्शक जब सीमारेखा के पास खड़े होते थे तो दर्शक उन पर लगातार हूटिंग करते थे।