उत्तराखंड में अब से अंतरराष्ट्रीय स्तर के लंबी दूरी के धावक तैयार हो सकेंगे। राज्य का पहला सिंथेटिक ट्रैक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में तैयार हो चुका है।
करोड़ों की लागत से बनने वाले इस ट्रैक की शुरुआत जून अंत तक हो सकती है। इसके अलावा राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए उत्तराखंड के भौगोलिक हालात का खास ख्याल रखा जाएगा।
खेल के क्षेत्र में जून तक उत्तराखंड के नाम कई उपलब्धियां जुड़ने जा रही हैं। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में पहले सिंथेटिक ट्रैक की शुरुआत के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए भी प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
इसके लिए केंद्र के तहत चल रहे अन्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मिल रही सुविधा, कोचिंग, वातावरण आदि का अध्ययन किया जा रहा है।
प्रिंसिपल मनोज शर्मा ने बताया कि देहरादून में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मध्यम और लंबी दूरी के धावकों को ट्रेनिंग देकर तैयार किया जाएगा। मध्यम दूरी में 800 मीटर से 1500 मीटर के खिलाड़ी तैयार होंगे। लंबी दूरी में 3 हजार मीटर से 10 हजार मीटर दूरी के धावकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
20 किलोमीटर और 50 किलोमीटर पैदल वॉक के लिए भी एथलीट तैयार किए जाएंगे। फिलहाल ट्रैक मार्किंग पूरी हो चुकी है। किनारे और बीच का एरिया सुधारा जा रहा है। इसमें हाईमास्क लाइट लगाई जानी है। मैदान जल्द ही हमें मिल जाएगा।
ट्रैक की शुरुआत गोल्डन माइल रेस से
देहरादून। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में साढ़े 7 करोड़ रुपये की लागत से बने राज्य के पहले सिंथेटिक ट्रैक का उद्घाटन नेशनल लेवल गोल्डन माइल रेस से कराने की योजना है।
प्रिंसिपल मनोज शर्मा ने बताया कि 1600 मीटर या एक मील की रेस को गोल्डन माइल नाम दिया गया है। इसका प्रस्ताव मैनेजमेंट बोर्ड में रखा जाएगा। मंजूरी पर मई या जून में रेस कराई जा सकती है।
रेस के लिए दो साल की राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में टॉप-8 खिलाड़ियों के टाइमिंग ली जाएगी। इसके बाद एक टाइमिंग तय होगी, जिसे पूरा करने वालों को क्वालीफाइंग राउंड में एंट्री मिलेगी। टॉप-8 को सीधी एंट्री मिलेगी।