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स्टेडियम तो है, लेकिन खिलाड़ी नहीं

Sat, 12 Jul 2014 02:25 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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स्टेडियम है और कोर्ट भी। लेकिन न खेल है, न खिलाड़ी। यह सूरत-ए-हाल है राज्य के लिए खिलाड़ी तैयार करने का जिम्मा उठाए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज का।
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बैडमिंटन कोर्ट बने आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन कॉलेज से इकलौता खिलाड़ी नहीं निकला। लिहाजा अब कॉलेज कदम पीछे खींच चुका है और पौड़ी में बैडमिंटन हॉस्टल में खिलाड़ी तैयार होने लगे हैं।

निजी स्कूलों का मुंह ताकना पड़ रहा
अगस्त में देहरादून में ऑल इंडिया जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट होना है। स्टेट एसोसिएशन ने परेड ग्राउंड स्थित बहुद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल को मुख्य आयोजन स्थल बनाया है।
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मगर दूसरे हॉल के लिए एसोसिएशन को निजी स्कूलों का मुंह ताकना पड़ रहा है, जबकि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में भी तीन कोर्ट का बैडमिंटन हॉल बना है।

मगर शोपीस बने हॉल में खेलने से एसोसिएशन खुद गुरेज कर रही है। दरअसल महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज को बने 20 साल हो चुके हैं।

कॉलेज से एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और फुटबाल के दिग्गज खिलाड़ी निकले हैं, लेकिन बैडमिंटन हॉल की सुविधा होने के बावजूद एक भी खिलाड़ी तैयार नहीं हो सका है। 2006 में तत्कालीन खेल मंत्री प्रीतम सिंह ने हाल का उद् घाटन किया था।

दूसरे खेलों पर फोकस की बात
बीते साल बैडमिंटन ट्रायल में खिलाड़ी न मिलने पर कॉलेज ने आपदा का बहाना बताते हुए दोबारा ट्रायल नहीं लिए। अब कॉलेज दूसरे खेलों पर फोकस की बात कर रहा है। बैडमिंटन खेल कॉलेज में शामिल नहीं होने से लाखों की लागत से बना तीन वुडेन बैडमिंटन कोर्ट सिर्फ जिम बनकर रह गया है। यहां दूसरे खेलों के खिलाड़ी खुद को फिट रखने के लिए पसीना बहाते हैं।
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(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-anshulk@ddn.amarujala.com और इस नंबर- 8392946708 पर संपर्क कर सकते हैं।)
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