मनीष रावत के बाद अब उत्तराखंड के नितिन रावत ने लंबी दूरी की दौड़ में राष्ट्रीय चैंपियन बनकर नया इतिहास रचा है। भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात नितिन ने नवंबर 2013 में चोटिल होने के बाद वापसी करते हुए 5 हजार मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है।
नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में ओपन नेशनल सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मंगलवार उत्तराखंड के लिए स्वर्णिम दिन रहा। पांच हजार मीटर की रेस 14 मिनट 16 सेकेंड का समय में पूरी कर नितिन अव्वल रहे।
बागेश्वर निवासी हैं नितिन
मूल रूप से बागेश्वर की गरुड़ तहसील से करीब 6 किमी दूर स्थित अणा गांव के निवासी नितिन ने खेल की शुरुआत 2005 में सेना में भर्ती होने के बाद की। नई दिल्ली से नितिन ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि ट्रेनिंग के दौरान इंस्ट्रक्टर ने उन्हें एथलेटिक्स में जाने की सलाह दी।
अंतरराष्ट्रीय धावक और कोच सुरेंद्र सिंह भंडारी को प्रेरणा स्रोत मानने वाले नितिन 2006 में सेना की क्रॉस कंट्री टीम में चुने गए। लेकिन कुछ समय बाद हुई इंजरी के चलते वापस भेज दिया गया। चोट से लड़कर नितिन ने वर्ष 2008 में आर्मी चैंपियनशिप से वापसी की।
जीते हैं कई अवार्ड
सेना से समय मिलने पर 2010 सर्विसेज की चैंपियनशिप में रजत, वर्ष 2011 में जोधपुर में क्रॉस कंट्री में रजत, वर्ष 2012 में चेन्नई ओपन नेशनल की ट्रैक एंड फील्ड में कांस्य, वर्ष 2012 में इंटर स्टेट में उत्तराखंड के लिए खेलते हुए रजत पदक जीता। इसी साल वह नेशनल कैंप के लिए चुने गए।
वर्ष 2013 में मुंबई हाफ मैराथन में स्वर्ण जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। इंचियोन हाफ मैराथन में छठे नंबर पर आने के बाद वर्ष 2013 फेडरेशन कप में उत्तराखंड के लिए स्वर्ण जीता। इसके साथ ही नितिन थाईलैंड, सोनपुरी और श्रीलंका में हुई एशियन ग्रैंड प्रिक्स में 5 मीटर दौड़ में नितिन स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे।