केरल में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में बैडमिंटन प्रतियोगिता में पदक जीतने का दारोमदार उत्तराखंड की यूथ ब्रिगेड के हाथों में होगा।
पदक की प्रबल संभावना
एयर इंडिया से खेल रहे चिराग सेन भी राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के झंडे तले जलवा बिखेरते नजर आएंगे। उत्तराखंड की बैडमिंटन टीम में सिर्फ पुरुष खिलाड़ियों को ही इंट्री दी गई है। टीम दमदार होने के कारण पदक की प्रबल संभावना है।
31 जनवरी से 14 फरवरी तक केरल के सात शहरों में 35वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना है। इसके लिए उत्तराखंड की बैडमिंटन टीम में 7 खिलाड़ियों को जगह दी गई है। जिसमें देहरादून के रोहित रतूड़ी, काशीपुर के मोहित तिवारी, बागेश्वर के जिज्ञासु पंत और काशीपुर के आयुष मौर्य सीनियर वर्ग के खिलाड़ी हैं।
इनकी आयु 21 से 24 वर्ष के बीच ही है। दूसरी ओर, अंडर-19 आयु वर्ग में देश में दूसरे पायदान में चल रहे चिराग सेन भी राष्ट्रीय खेल में उत्तराखंड के लिए खेलेंगे। मौजूदा समय में सीनियर वर्ग में वे 20वें स्थान पर हैं।
वहीं, अंडर-19 में 8वें और 17 में चौथे स्थान पर काबिज लक्ष्य सेन और अंडर-19 में 9वें स्थान पर चल रहे बोधित जोशी भी उत्तराखंड के लिए पदक जीतने के प्रबल दावेदार हैं।
सबसे अधिक उम्मीद चिराग सेन और लक्ष्य सेन से की जा रही है। मौजूदा समय में दोनों भाई सर्वश्रेष्ठ फार्म में चल रहे हैं। 13 साल के लक्ष्य जहां अंडर-19 वर्ग के खिलाड़ियों को चित कर अपना दावा मजबूत कर रहे हैं, वहीं चिराग सीनियर वर्ग में दम दिखा रहे हैं। बोधित जोशी भी अंडर-19 वर्ग में दमदार प्रदर्शन कर चुके हैं।
उत्तराखंड स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव बीएस मनकोटी ने बताया कि चिराग के उत्तराखंड के लिए खेलने से टीम को मजबूती मिली है। टीम के खिलाड़ी कोई भी उलटफेर करने में सक्षम हैं।
नहीं दिखेगा कुहू गर्ग का जलवा
देश में सीनियर वर्ग की रैंकिंग में 11, अंडर-19 एकल में 9वें और मिक्स डबल्स में पहले स्थान पर मौजूद युवा खिलाड़ी कुहू गर्ग का जलवा राष्ट्रीय खेलों में नहीं दिखेगा। राज्य स्तर के जोड़ीदार को छोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा जोड़ीदार चुनने के कारण वे इस प्रतियोगिता भाग नहीं ले पाएंगी। बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव ने भी इसकी पुष्टि की है।
कौस्तुभ दिल्ली से खेलेंगे
उत्तराखंड मूल के कौस्तुभ रावत अंडर-19 वर्ग में देश में 10वें स्थान पर हैं। लेकिन वे दिल्ली के लिए खेलते हैं। बीएस मनकोटी ने बताया कि कौस्तुभ उत्तराखंड से एनओसी ले चुके हैं और दिल्ली ही उनकी इंट्री करती है।