भारत की सीनियर टीम आज से इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट खेलने जा रही है तो दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया में भारत की ए टीम ने पहले गैर आधिकारिक टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
चार दिवसीय मैच के अंतिम दिन ऑस्ट्रेलिया ए की पूरी टीम 534 रन बनाकर आउट हो गई। मेजबान टीम की अंतिम जोड़ी आज 12 रन और जोड़कर आउट हो गई। ऑस्ट्रेलियाई टीम को 59 रनों की बढ़त हासिल हुई।
तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया की ओर से हुई सातवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 371 रनों की साझेदारी ने भारत को जीत से काफी दूर कर दिया था। भारत ए ने मैच खत्म होने के समय दूसरी पारी में 5 विकेट पर 285 रन बनाए।
नमन का एक और आतिशी शतक
भले ही यह मैच ड्रॉ पर खत्म हो गया हो लेकिन भारत इस मैच में हमेशा मजबूत स्थिति में दिखा। भारतीय टीम की ओर से युवा बल्लेबाज नमन ओझा ने जमकर बल्लेबाजी की।
नमन ने पहली पारी में ताबड़तोड़ अंदाज में कंगारू गेंदबाजों की बखिया उखेड़ते हुए तेजी से रन बनाए और दोहरा शतक ठोक दिया। वह पारी घोषित किए जाने के समय महज 250 गेंदों में 219 रन बनाकर नाबाद लौटे।
दूसरी पारी में भी दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने लाजवाब बल्लेबाजी की और शानदार शतक ठोक दिया। मैच खत्म होने के समय नमन 127 गेंदों में 101 रन (11 चौके और 5 छक्के) बनाकर नाबाद रहे। इस मैच की दोनों पारियों में उन्होंने 13 छक्के लगाए।
शून्य के बाद लगाया शतक
ऐसा नहीं है कि नमन ओझा ने ही दूसरी पारी में शतक लगाया हो, उनके अलावा अंबाती रायडू ने भी शतकीय पारी खेली।
रायडू ने 165 गेंदों में 17 चौके और 1 छक्के की मदद से नाबाद 100 रन बनाए। रायडू के लिए यह शतक बड़ी राहतभरी साबित हुई क्योंकि वह पहली पारी में खाता भी नहीं खोल सके थे। रायडू ने नमन के साथ छठे विकेट के लिए 199 रनों की अविजित साझेदारी की।
हालांकि पहली पारी में 83 रन बनाने वाले भारत-ए टीम के कप्तान मनोज तिवारी दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके।
जसप्रीत बुमराह ने लगाया पंजा
मैच में भारत की ओर से बल्लेबाजी में नमन ओझा और अंबाती रायडू के अलावा गेंदाबाजी में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भी गजब की गेंदबाजी की।
बुमराह ही वही गेंदबाज हैं जिन्होंने मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को छकछोर कर रख दिया था। हालांकि उन्होंने मैच में 5 विकेट हासिल करने का कारनामा कर दिया।
भारत की ओर से बुमराह ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को प्रभावित कर सके। जबकि टेस्ट गेंदबाज उमेश यादव और प्रज्ञान ओझा कुछ खास नहीं कर सके।