‘पुर्तगाल का मौसम खेल के लिए बहुत शानदार है, वहां काफी ठंड। खेल के तरीके में भी काफी अंतर है। खासकर खिलाड़ियों को फिट रखने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इन 80 दिन की ट्रेनिंग में बहुत कुछ नया सीखने को मिला, जिसका अनुभव वर्ल्ड वाक रेस चैंपियनशिप में बहुत काम आएगा।’ पुर्तगाल से विशेष ट्रेनिंग के बाद दो दिन के लिए दून पहुंचे अंतरराष्ट्रीय एथलीट मनीष रावत ने अपनी तैयारियों के बारे में बताया।
मूल रूप से चमोली के सगर गांव के निवासी मनीष ने कहा कि पहली बार वे इस तरह की ट्रेनिंग के लिए पुर्तगाल गए थे। उनके साथ भारतीय टीम के ही कोच थे। वहां ट्रेनिंग पैटर्न काफी अलग है और खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
खासकर खाना उबला हुआ मिलता है, जबकि यहां मसालेदार खाना खिलाड़ियों को दिया जाता है। वहां खिलाड़ी ब्रेकफास्ट के बाद प्रैक्टिस करते हैं, जबकि यहां प्रैक्टिस के बाद ब्रेकफास्ट किया जाता है। मौसम खेल के लिहाज से भी पुर्तगाल बहुत शानदार है।
एक सेशन प्रैक्टिस के बाद रिकवरी होने में भी बहुत कम समय लगता है। बताया कि रियो मारियो शहर में ट्रेनिंग के दौरान आईएएएफ की रेस वाकिंग चैंपियनशिप में भी प्रतिभाग किया। 20 किलोमीटर वाक में 1 घंटा 22 मिनट 50 सेकंड का समय लेकर वे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे।
जबकि क्वालीफाइंग समय 1 घंटा 24 मिनट के करीब था। मनीष ने बताया कि अगस्त में बीजिंग (चीन) में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में वे 50 किलोमीटर वाक में प्रतिभाग करेंगे।
जबकि उससे पहले 26 जून से अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड पुलिस गेम्स में 5 किलोमीटर वाक रेस में भारतीय टीम की ओर से उतरेंगे। दून में अपने कोच अनूष बिष्ट भी वे चैंपियनशिप से पहले महत्वपूर्ण टिप्स दे रहे हैं।