उत्तराखंड के औली में प्रस्तावित राष्ट्रीय जूनियर स्की चैंपियनशिप के लिए एक सप्ताह से कम समय शेष रह गया है। बावजूद इसके पर्याप्त बर्फ नहीं होने से इसके आयोजन पर धुंध छाई है।
औली में कृत्रिम बर्फ बनाने वाले उपकरण भी खराब होने से राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को लेकर शासन-प्रशासन की तैयारियां हवाई साबित होती दिख रही हैं। ऐसे में 12 फरवरी से प्रस्तावित राष्ट्रीय जूनियर स्की चैंपियनशिप की तिथियों में एक बार फिर परिवर्तन की संभावना है।
औली में 12 से 16 फरवरी तक राष्ट्रीय जूनियर स्कीइंग चैंपियनशिप का आयोजन प्रस्तावित है। इसके लिए शासन-प्रशासन कई दौर की बैठकें कर चुका है। पर्यटन विभाग की ओर से आयोजन के लिए 40 लाख भी दे दिए गए हैं। बावजूद इसके मौसम की बेरुखी से आयोजन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
17 जनवरी को आयोजन की तैयारियों को लेकर औली में हुई बैठक में गढ़वाल आयुक्त सीएस नपल्च्याल ने जीएमवीएन के अधिकारियों को कृत्रिम बर्फ बनाने वाली स्नो मेकिंग मशीनों को एक्सपर्ट बुलाकर सुधार करने के निर्देश दिए थे। अब विभागीय अधिकारियों की संजीदगी का आलम यह है कि अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो पाया है। अब चैंपियनशिप के आयोजन में छह दिन से भी कम का समय शेष रह गया है।
औली में राष्ट्रीय जूनियर स्कीइंग चैंपियनशिप के लिए अभी समय है। औली में कई वर्षों से यहां फरवरी के अंतिम सप्ताह में भी बर्फबारी होती है। बर्फबारी होती है तो चैंपियनशिप का आयोजन किया जा सकता है। 12 फरवरी से पहले तक बर्फबारी नहीं होने पर आयोजन की तिथि में बदलाव किया जा सकता है।
- एसएस पांग्ती, अध्यक्ष, उत्तराखंड विंटर गेम्स एसोसिएशन
औली में लगी स्नो मेकिंग मशीनों के सुधार के लिए दिल्ली से चार तकनीशियनों की टीम जोशीमठ पहुंच गई है। बर्फबारी नहीं होने पर आयोजन की तिथि में बदलाव किया जा सकता है। आयोजन समिति के उच्चाधिकारियों से इस संबंध में संपर्क किया जा रहा है।
- बीएल राणा, महाप्रबंधक, जीएमवीएन