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हैंडबाल के बारे में रोचक बातें, जानते हैं क्या?

Wed, 17 Sep 2014 03:43 PM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चुस्ती-फुर्ती और एकाग्रता से खेलते हुए हैंडबाल में जीत हासिल की जा सकती है। अपनी काबिलियत के दम पर शहर के कई युवा इसमें अपना करिअर बना चुके हैं।
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सिटी ब्यूटीफुल और आसपास हैंडबाल के लिए सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। इनमें सेक्टर-42 स्थित हैंडबॉल कोर्ट शामिल है। इसके साथ ही कई स्कूलों में हैंडबॉल कोर्ट बने हैं।

किस तरह का होता है हैंडबॉल कोर्ट - दो तरह केहैंडबाल कोर्ट होते है। इनमें सीमेंट और ग्रासी कोर्ट शामिल है। यह कोर्ट 40 गुणा 20 मीटर के होते है। वहीं गोल पोस्ट 3 गुणा 2 मीटर का होता है। जिन पर हैंडबॉल टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाते है।
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ये हैं खेलने के रूल्स

मैच में एक दूसरे के खिलाफ  खेलने वाली दोनो टीमों में 14-14 खिलाड़ी रहते है। जबिक प्लेइंग इलेवन में 7-7 खिलाड़ियों केबीच मुकाबला खेला जाता है। मैच 60 मिनट का होता है। इसमें 10 मिनट का ब्रेक दिया जाता है।

नॉक आउट मुकाबलों में मैच बराबरी पर रहने पर दस मिनट का एक्सट्रा समय दिया जाता है। जिसमें दोनो टीमों को 5-5 शूटआउट दिए जाते है।

इसमें अधिक शूट करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। अगर रिजल्ट नहीं निकला तो किसी एक टीम की जीत होने तक शूटआउट मिलते हैं।
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यहां खेला जाता है हैंडबाल

स्पोर्ट्स कांप्लेक्स-42, डीएवी-15, डीएवी-8, जीएमएसएसएस-23, जीएमएसएसएस-19 सी, जीएमएसएसएस-21, जीएनपीएस-36, खालसा स्कूल-30 में बने कोर्ट पर यह खेला जाता है। स्कूल में कोई फीस नहीं है जबकि अन्य जगह भी बेहद मामूली फीस देकर इसे सिखा जा सकता है।

शहर को दिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी :
हैंडबाल में शहर के कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभर कर सामने आए है। इनमें मानवप्रीत सिंह बावा, सचिन चौधरी, अतुल, दीपा, किरण, पूजा शामिल है।

टिप्स-
हैंडबाल के खेल में एक खिलाड़ी की पावरफुल ऑर्म्स का होना जरूरी है। इसके साथ ही चुस्ती-फुर्ती और जंप लेने की क्षमता खिलाड़ियों को मदद करती है।
- रविंदर सिंह, सीनियर हैंडबॉल कोच
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