भारतीय हॉकी टीम का हालिया प्रदर्शन बेहतर नही रहा है। टीम युवा खिलाड़ियों से लैस है और हमेशा से ही इससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है। लेकिन यह सब कुछ कोचिंग पर निर्भर करता है।
यह कहना है हॉकी इंडिया लीग में पंजाब वारियर्स टीम के हेड कोच बैरी डांसर का।
टीम की जर्सी सेरेमनी के लिए सोमवार को वे शहर में थे। बैरी डांसर ने कहा कि भारत में जूनियर स्तर से ही खिलाड़ियों को आधुनिक टेक्नोलॉजी मुहैया कराई जानी चाहिए।
उनके अनुसार खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के साथ स्पोर्ट्स साइंस, फिजियो उपलब्ध कराए जाने की जरूरत हैं जिससे कि वे राष्ट्रीय टीम में आने से पहले ही तैयार हो सके।
बैरी डांसर के अनुसार भारत की हॉकी का स्तर तभी उच्च स्तर तक पहुंच सकता हैं जब उसे बेहतर कोचिंग स्टाफ और अत्याधुनिक ट्रेनिंग की सुविधाएं मिले। इससे खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढे़गा और वे अच्छे नतीजे देने में कामयाब हो पाएंगे।
भारत में बेहतर एकेडमी
बैरी ने कहा कि ऐसा नही है कि भारत में अच्छी हॉकी एकेडमी की कमी है। उनके अनुसार जालंधर में बेहतर एकेडमी है।
इस एकेडमी सेही पांच से अधिक खिलाड़ी पंजाब वारियर्स टीम में शामिल हैं। एकेडमी में अत्याधुनिक ट्रेनिंग मिलने से यहां से और प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभर कर सामने आ सकते हैं।
खिलाड़ियों को इंजरी से बचना होगा
बैरी डांसर ने कहा कि नेशनल टीम में लंबे समय तक बने रहने के लिए खिलाड़ियों को चोटिल होने से बचना होगा। तभी वे लगातार खेलते हुए अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकेंगे।
स्थायी कोच होना चाहिए
बैरी डांसर ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम में पिछले दस वर्षों से आठ कोच बदले जा चुके हैं। एक सीरीज या टूर्नामेंट के बाद कोच नहीं बदलना चाहिए। कोच को कुछ वक्त दिया जाना चाहिए।
49 इंटरनेशनल मैचों का अनुभव
बैरी डांसर आस्ट्रेलियाई हॉकी टीम के लिए खेल चुके हैं। उनके पास 49 इंटरनेशनल मैचों का अनुभव है।