वैदिक मंत्रों के बीच मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तराखंड के हल्द्वानी (गौलापार) में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की नींव रखी।
गुरुवार को कार्यक्रम में बताया गया कि 70 एकड़ में 225 करोड़ की लागत से बनने वाला दरअसल यह स्टेडियम कांप्लेक्स है जिसमें तीन स्टेडियम होंगे। कांप्लेक्स 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा।
225 करोड़ की लागत से तैयार होगा स्टेडियम
निर्माण का ठेका नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम हल्द्वानी को देश-विदेश में नई पहचान देगा।
स्टेडियम बनने से कुमाऊं की खेल प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलेगा। इससे कुमाऊं के आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यटन भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम हल्द्वानी को आर्थिक राजधानी के रूप में उभारेगा। देहरादून के बाद प्रदेश का दूसरा यह तरराष्ट्रीय स्टेडियम होगा, जिसके कैंपस में ही हेलीपैड और पार्किंग की भी सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन यहां प्लेटफार्म नहीं मिलने से खिलाड़ी दूसरे प्रदेशों से खेलने को मजबूर हैं।
सीएम ने कहा कि खेल को बढ़ावा देने के लिए यह स्टेडियम काफी नहीं है। अब हर जिले में 10 खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। वर्ष 2015-16 में खेल बजट 100 करोड़ रुपए कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड के लिए एक अद्भुत उपहार
वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कांप्लेक्स में मुख्य स्टेडियम के अलावा एक इंडोर और एक एथलेटिक्स स्टेडियम भी होगा। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम कुमाऊं और उत्तराखंड के लिए एक अद्भुत उपहार होगा। स्टेडियम में इनडोर और आउटडोर सभी गेम होंगे। गर्ल्स हॉस्टल होगा।
डॉ. हृदयेश ने कहा कि छह महीने के भीतर हल्द्वानी में अंतरराज्यीय बस अड्डे का भूमि पूजन किया जाएगा। इस बस अड्डे के लिए 40 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। मेरी इच्छा है कि मुख्यमंत्री इस मौके पर भी आएं। इससे हल्द्वानी का यातायात की समस्या दूर हो जाएगी।
हल्द्वानी में बस अड्डे की जगह पार्किंग बनाई जाएगी। हल्द्वानी शहर के स्टेडियम का पुनर्निर्माण के लिए भी 10 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं।
खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम राज्य में एकमात्र स्पोर्ट्स कांप्लेक्स होगा, जहां एक परिसर में सभी प्रचलित खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्टेडियम की क्षमता 10 हजार दर्शकों के बैठने की होगी, जिसे भविष्य में 25 हजार कर दिया जाएगा।
राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि यह स्टेडियम खेल प्रतिभाओं के विकास के साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से यहां के खिलाड़ियों का दोतरफा संवाद होगा, जिससे खेल संस्कृति विकसित होगी। श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि स्टेडियम पर्यटन एवं रोजगार के द्वार भी खोलेगा।
भूमि पूजन समारोह में मंडी परिषद अध्यक्ष डा. शैलेंद्र मोहन सिंघल, वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद, मेयर जोगेंद्र सिंह रौतेला, तिकलराज बेहड़, भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, सतीश नैनवाल, प्रकाश जोशी, संजीव आर्य, घनश्याम शर्मा, नारायण पाल, खजान पांडे, राजेंद्र नेगी, किरण डालाकोटी, कमिश्नर अवेंद्र सिंह नयाल, खेल निदेशक शैलेश बगौली, डीआईजी जीएस मर्तोलिया, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी सेंथिल अबुदई के अलावा सैकड़ों लोग मौजूद थे। संचालन ब्लाक प्रमुख बेतालघाट सतीश नैनवाल ने किया।
डॉ. इंदिरा चला रही सरकार: सीएम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वित्तमंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश की खूब तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण डॉ. इंदिरा हृदयेश के प्रयासों से ही साकार हो सका है। स्टेडियम डॉ. इंदिरा का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
इसकी नींव पड़ने से डॉ. इंदिरा फूल संक्रांति की बच्ची की तरह चहक रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बाद प्रदेश में डॉ. इंदिरा हृदयेश ही सबसे बड़ी लीडर हैं।
हल्द्वानी की जनता डॉ. इंदिरा की लीडर हैं और डॉ. इंदिरा सरकार की लीडर हैं। हरीश रावत ने कहा प्रदेश का मुख्यमंत्री भले ही मैं हूं, लेकिन सरकार डॉ. इंदिरा चला रही हैं।
क्या-क्या होगा स्टेडियम कांप्लेक्स में
मेन स्टेडियम : 10 हजार दर्शकों की क्षमता होगी। जिसकी क्षमता बाद में 25 हजार तक की जाएगी। आईसीसी के मानकों के अनुरूप 5 पिचें, प्रैक्टिस के लिए नेट होगा। प्लेयर्स लाउंज, कमेंट्री बॉक्स और कार्पोरेट बॉक्स होगा।
एथलेटिक्स स्टेडियम : पांच हजार दर्शकों की क्षमता, जिसमें 8 लेन रनिंग ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक और साइक्लिंग ट्रैक, जैवलिन थ्रो, लांग जंप, हाई जंप और शार्टपुट थ्रो और हॉकी का एस्ट्रोटर्फ भी बिछेगा जिसमें फ्लड लाइट लगेंगी
इंडोर स्टेडियम : 2 हजार की क्षमता। इसमें स्वीमिंग पूल, बास्केटबाल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, टेनिस कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, वेट लिफ्टिंग सुविधा, रॉक क्लाइंबिंग और कुश्ती मैदान भी होंगे।
अन्य सुविधा : गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज और 75 लड़कियों की क्षमता वाला गर्ल्स हॉस्टल। हेलीपैड और पार्किंग भी बनेगी।