ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को नौकरी के रूप में सौगात मिल सकती है।
पदक विजेताओं को राज्य सरकार के विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को नियुक्ति में वेटेज दिया जाएगा। इस संबंध में बनी तीन सदस्यीय कमेटी दो-तीन दिन में प्रस्ताव शासन को भेज देगी।
उत्तराखंड में 14 साल बाद दिसंबर, 2014 में खेल नीति लागू हुई है। इसके अंतर्गत शासन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नौकरी देने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके लिए बाकायदा खेल विभाग को विभागों का चयन करने और गाइड लाइन बनाने के निर्देश दिए गए थे।
खेल विभाग ने अपर सचिव रमेश चंद्र लोहनी, अनु सचिव शिवविभूति रंजन और उप निदेशक खेल अजय अग्रवाल की समिति बनाकर रिपोर्ट बनाने के लिए कहा। जानकारी के अनुसार, समिति ने क्लास-2 और क्लास-3 में पदक विजेताओं को नियुक्ति देने का खाका तैयार किया है।
उप निदेशक खेल अजय अग्रवाल ने बताया कि क्लास-2 तक सीधी भर्ती में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति होगी। फेडरेशन की अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को क्लास-3 में भर्ती में वेटेज (वरीयता) दिया जाएगा। साथ ही भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आयु में छूट भी दी जाएगी।
इस संबंध में मुख्य सचिव स्तर पर भी वार्ता हो चुकी है। बताया कि कार्मिक विभाग से इसे सहमति मिल चुकी है और अब रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
ये हो सकता है वर्गीकरण
क्लास-2
आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के पदाें में नियुक्ति मिल सकेगी। पदक के अनुसार विभाग और नौकरी तय होगी।
क्लास-3
खेल विभाग द्वारा चयनित विभागों में पदों के अनुसार नियुक्ति निकलने पर फेडरेशन की अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप आदि में पदक विजेताओं को भर्ती में वेटेज (वरीयता) दी जा सकेगी।