खेल में भविष्य तलाश रहे युवा अभी तक फुटबाल से कतराते थे, क्योंकि उन्हें इसमें भविष्य नहीं दिखाई देता था। लेकिन, अब हालात बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि आईपीएल की तर्ज पर शुरू होने वाले इंडियन सुपर लीग (आईसीएल) से देश के खिलाड़ियों को अपना भविष्य संवरता दिखाई दे रहा है।
फुटबाल को बुलंदी पर पहुंचाने के लिए पूर्व खिलाड़ी भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं। सितंबर-अक्तूबर में शुरू हो रही आईसीएल की आठ फ्रेंजाइजी टीमों के खरीदारों में सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली हैं। पूर्व भारतीय फुटबाल कप्तान और भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व चयनकर्ता भी आईसीएल का स्वागत कर रहे हैं।
खिलाड़ियों को आर्थिक मदद
भारतीय टीम के सदस्य रहे चुके एवं पूर्व चयनकर्ता सत्याजीत मितरा ने बताया देश में फुटबाल का स्तर ऊंचा उठाने के लिए आईसीएल तुरुप के इक्के की तरह काम करेगी। उन्होंने बताया देश में ईस्ट बंगाल, मोहन बागान, मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे क्लब ही अभी पेशेवर हैं।
इसके अलावा देश में बहुत ऐसे क्लब हैं, जहां पर टैलेंट तो काफी है, लेकिन न तो उन्हें स्पॉन्सर मिलते हैं और न ही वह आगे बढ़ पाते है। उन्होंने कहा आईसीएल से देश के छोटे क्लब के खिलाड़ियों को फायदा होगा।
बेहतरीन प्लेटफार्म
भारत के फुटबाल के पूर्व कप्तान हरजिंदर सिंह ने आईसीएल को युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन प्लेटफार्म बताया। उनके अनुसार इस लीग में भारत के खिलाड़ी जब विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलेंगे तो उन्हें अपनी ताकत का अहसास होगा।
भविष्य नहीं दिखा तो छोड़ा फुटबाल
नेशनल तक फुटबाल खेलने के बाद करण राठौर को इस खेल में भविष्य नहीं दिखाई देने पर उसे छोड़ दिया। वह अब अपने पापा केसाथ बिजनेस कर रहे हैं। बकौल करण जब वह खेलते थे तो घरवाले हमेशा डांटते थे कि इस खेल में कोई भविष्य नहीं है। करण ने बताया सुनने में आया कि आईपीएल की तर्ज पर आईसीएल आ रहा है। इससे दूसरे खिलाड़ियों का भविष्य अब बेहतर होगा।
फुटबाल का स्तर बढ़ेगा
फुटबाल स्टेडियम में अभ्यास करने वाले फुटबालर हरीश ने कहा कि अब फुटबाल लोगों को ध्यान आकर्षित करेगा। खासकर खिलाड़ियों के माता पिता का, क्योंकि अब फुटबाल खिलाड़ी भी आईपीएल के खिलाड़ियों की तरह पैसे कमा पाएंगे। इससे देश में फुटबाल का स्तर बेहतर होगा।