टीम इंडिया से बाहर चल रहे हरभजन सिंह ने रणजी सीजन में शानदार वापसी की। उनकी घातक गेंदबाजी के आगे ओडिसा की टीम पहले ही दिन 205 रन पर सिमट गई।
उन्होंने रणजी में अब तक का अपना सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 54 रन देकर छह विकेट लिए। रणजी में 1998 में उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 69 रन देकर छह विकेट लिए।
2000 में दिल्ली के खिलाफ पांच विकेट लिए थे। रविवार को उन्होंने कुल 28 ओवर डाले जिनमें 12 ओवरों में उन्होंने कोई रन नहीं दिया। पंजाब ने बिना कोई विकेट खोए पहले दिन चार ओवर में 11 रन बनाए।
पीसीए स्टेडियम मोहाली में हुए पंजाब और ओडिसा के मुकाबले में पंजाब ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। ओडिसा के गिरीजा गौट और नटराज बहेरा की जोड़ी ने पारी की शुरुआत की।
टीम का स्कोर 47 हुआ तो नटराज बेहरा (22) को सिद्दार्थ कौल ने आउट कर दिया। नरंजन बेहरा सात रन पर आउट हो गए। गिरीजा गौट (38) हरभजन सिंह का पहला शिकार बने।
अगले ही ओवर में भज्जी की फिरकी का जादू चला और गोबिंद (42) और विप्लव (30) के विकेट लिए। भज्जी ने हलादर दास को बिना खाता खोले ही पवेलियन भेज दिया।
संदीप सिंह ने दीपक बेहरा को नौ रन और बसंत को शून्य पर आउट कर दिया। आलोक (4) भज्जी का पांचवां और धीरज सिंह (0) छठा शिकार बने। ओडिसा 83.2 ओवर में 205 पर सिमट गया। पंजाब के बल्लेबाज जीवनजोत सिंह (6) और रविइंदर सिंह (5) नाबाद रहे।