‘पापा का सपना था कि मैं बड़ा फुटबॉलर बनूं। इस सपने को पूरा करने के लिए मैंने पूरी मेहनत की है। अब गोवा के सलगांवकर क्लब ने मुझे प्लेटफार्म दिया है तो मैं परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा।’
सलगांवकर क्लब ने पहचाना राजा का हुनर
यह कहना है राजा रावत का। प्रदेश के इस उभरते फुटबॉल खिलाड़ी का हुनर गोवा के सलगांवकर क्लब ने पहचाना है। क्लब ने राजा को अपनी जूनियर टीम ‘यूथ क्लब’ से जोड़ा है।
इस टीम में बेहतर प्रदर्शन राजा के लिए सीनियर टीम की राह खोल सकता है। आई लीग फुटबॉल टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ टीमों में गिनी जाने वाली गोवा के सलगांवकर क्लब ने भारतीय अंडर-19 टीम के मिडफील्डर राजा रावत को अपने साथ जोड़ लिया है।
पौड़ी निवासी राजा सोमवार शाम दून पहुंचे। बताया कि सलगांवकर क्लब से दो साल का करार हुआ है। इसके तहत क्लब उन्हें हर माह 10 हजार रुपए और अन्य सुविधाएं देगा।
साल 2002 में फुटबॉल खेलने की शुरुआत करने वाले राजा ने बताया कि साई कोच जगमोहन सिंह नेगी ने उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं।
पिता की चाह को किया पूरा
बताया कि वर्ष 2006 में उनका चयन स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए हुआ, लेकिन इसी साल पिता गणेश सिंह रावत का निधन हो गया। पिता चाहते थे कि राजा फुटबॉल के फलक पर चमकता सितारा बनें।
राजा बताते हैं वन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी मां कुसुम रावत ने हमेशा उन्हें पापा का सपना पूरा करने का हौसला दिया। 2006 में ही राजा ने अंडर-13 नेशनल प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर अपना सफर शुरू किया।
2009 में राजा ने स्पोर्ट्स हॉस्टल में प्रवेश लिया, जहां से उनका चयन भारतीय अंडर-16 टीम में हुआ। राजा ने इसी वर्ष प्रथम श्रेणी में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
राजा का सफर
- 2011 में सैफ गेम्स नेपाल में प्रतिभाग किया
- 2012 में अंडर-16 एएफसी कप क्वालीफायर रूस
- 2012 में अंडर-16 टूर्नामेंट दुबई
- 2013 में अंडर-16 एएफसी कप ईरान
- 2014 में भारतीय अंडर-19 टीम में चयन