देहरादून के पवेलियन मैदान में फुटबॉल खिलाड़ियों को आजकल कोच का इंतजार रहता है। खेल विभाग में संविदा पर तैनात कोच के पद छोड़ने के 11 दिन बाद भी खेल विभाग कोच की नियुक्ति नहीं कर सका है। खिलाड़ियों को बिना प्रैक्टिस किए लौटना पड़ रहा है।
इधर-उधर टहलते नजर आते हैं खिलाड़ी
जिला खेल कार्यालय के तत्वावधान में पवेलियन ग्राउंड और चंद्रबनी में फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर लगाए गए हैं। जून महीने में शुरू हुए कैंपों में पवेलियन मैदान में करीब 70 खिलाड़ी अंडर-14 और 16 आयु वर्ग में पंजीकृत हैं। लेकिन आजकल प्रैक्टिस नहीं हो पा रही है।
कोच न होने के कारण खिलाड़ी इधर-उधर टहलते नजर आते हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि कोच न होने के कारण बड़े लोग उन्हें अंदर खेलने नहीं देते। दरअसल पवेलियन ग्राउंड में मोनिका बिष्ट को संविदा कोच के रूप में नियुक्त किया गया था।
नवंबर में मोनिका ने इस्तीफा देकर बार्सिलोना की बीस्कोला फुटबॉल एकेडमी ज्वाइन कर ली है। जून में तीन पदों पर हुई नियुक्ति के लिए पांच कोचों ने आवेदन किया था।
वरीयता सूची रविंद्र सिंह को चौथा और दीपक कुमार को पांचवां स्थान मिला था। जिला खेल अधिकारी सतीश सार्की का कहना है कि गुरुवार या शुक्रवार तक कोच की नियुक्ति हो जाएगी। इसके लिए कोच पद के उम्मीदवार को बुलावा भी भेजा गया है।